📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / U.S. Department of State
विदेश
इज़राइल के राष्ट्रपति ने नेतन्याहू के प्रतिद्वंद्वी आयज़ेनकोट को सरकार बनाना सौंपा
✍️ India Today
🗓 08 नव. 2026, 05:25 AM
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राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग ने नेतन्याहू के प्रतिद्वंद्वी आयज़ेनकोट को इज़राइल में नई गठबंधन सरकार बनाने का काम सौंपा है।
इज़राइल के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग ने घोषणा की कि उन्होंने आयज़ेनकोट, एक वरिष्ठ राजनेता जो प्रधानमंत्री बेन्ज़ामिन नेतन्याहू की खुली आलोचना करते रहे हैं, को गठबंधन सरकार बनाने का काम सौंपा है। हालिया चुनावों के बाद केनेस्सेट में स्पष्ट बहुमत न होने के कारण राष्ट्रपति ने ऐसे नेता की तलाश की जो राजनीतिक विभाजन को पाट सके।
आयज़ेनकोट, जो नेतन्याहू की नीतियों की आलोचना के लिए जाने जाते हैं, विभिन्न दलों के साथ बातचीत करके आवश्यक 61 सीटें हासिल करने की कोशिश करेंगे। विश्लेषकों का मानना है कि उनका चयन नेतन्याहू के लंबे समय से चल रहे प्रभुत्व में बदलाव का संकेत देता है।
राष्ट्रपति का यह कदम संविधानिक है; इज़राइल के कानून के तहत राष्ट्रपति उस केनेस्सेट सदस्य को आमंत्रित करता है जो बहुमत हासिल करने की सबसे अधिक संभावना रखता है, ताकि वह सरकार बनाना शुरू कर सके। आयज़ेनकोट को एक ठोस गठबंधन योजना पेश करने के लिए निर्धारित समय सीमा के भीतर काम करना होगा।
यदि सफल होते हैं, तो आयज़ेनकोट प्रधानमंत्री बनेंगे, जिससे नेतृत्व में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। असफलता की स्थिति में राष्ट्रपति अन्य उम्मीदवारों पर विचार करेंगे, जिससे राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ सकती है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस विकास को बारीकी से देख रहा है, क्योंकि इज़राइल की स्थिरता का मध्य पूर्व में व्यापक प्रभाव है। कूटनीतिक सूत्रों ने बताया कि नई सरकार शांति पहल और सुरक्षा समझौतों को प्रभावित कर सकती है।
आयज़ेनकोट, जो नेतन्याहू की नीतियों की आलोचना के लिए जाने जाते हैं, विभिन्न दलों के साथ बातचीत करके आवश्यक 61 सीटें हासिल करने की कोशिश करेंगे। विश्लेषकों का मानना है कि उनका चयन नेतन्याहू के लंबे समय से चल रहे प्रभुत्व में बदलाव का संकेत देता है।
राष्ट्रपति का यह कदम संविधानिक है; इज़राइल के कानून के तहत राष्ट्रपति उस केनेस्सेट सदस्य को आमंत्रित करता है जो बहुमत हासिल करने की सबसे अधिक संभावना रखता है, ताकि वह सरकार बनाना शुरू कर सके। आयज़ेनकोट को एक ठोस गठबंधन योजना पेश करने के लिए निर्धारित समय सीमा के भीतर काम करना होगा।
यदि सफल होते हैं, तो आयज़ेनकोट प्रधानमंत्री बनेंगे, जिससे नेतृत्व में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। असफलता की स्थिति में राष्ट्रपति अन्य उम्मीदवारों पर विचार करेंगे, जिससे राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ सकती है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस विकास को बारीकी से देख रहा है, क्योंकि इज़राइल की स्थिरता का मध्य पूर्व में व्यापक प्रभाव है। कूटनीतिक सूत्रों ने बताया कि नई सरकार शांति पहल और सुरक्षा समझौतों को प्रभावित कर सकती है।