📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Information and Publicity deartment, Government of
धर्म
इंदौर की 103 साल पुरानी अनंत चतुर्दशी झांकी पर कम भीड़, नवीनीकरण की जरूरत
✍️ Amar Ujala · Indore
🗓 29 सित. 2026, 12:31 PM
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इंदौर में अनंत चतुर्दशी की झांकी पर इस बार भीड़ घट गई, कई दुकानें बंद रही और दूसरा दिन का स्थानीय अवकाश नहीं दिया गया, जिससे विशेषज्ञों ने परम्परा को जीवित रखने के लिए नयी पहल की सलाह दी।
इंदौर में अनंत चतुर्दशी की झांकी चल, जो दीवाली के अंत को दर्शाने वाली 103 साल पुरानी परम्परा है, इस हफ़्ते आयोजित हुई। रंग‑बिरंगे झांकियों और भजन‑कीर्तन के साथ यह आयोजन आमतौर पर शहर‑व्यापी भीड़ को आकर्षित करता है।
इस वर्ष भीड़ में स्पष्ट गिरावट देखी गई। परेड के मार्ग पर कई दुकानें बंद रही और झांकी के दूसरे दिन का स्थानीय अवकाश नहीं दिया गया, जिससे कार्यक्रम का पैमाना छोटा दिखा।
सांस्कृतिक विद्वानों और स्थानीय इतिहासकारों ने कहा कि कम भागीदारी परम्परा के धीरे‑धीरे फीके पड़ने का संकेत है। उन्होंने नगर निगम और सामुदायिक समूहों से नई थीम, बेहतर प्रचार और सुविधाओं में सुधार जैसे कदम उठाकर झांकी को पुनर्जीवित करने की अपील की।
इंदौर नगर निगम ने इन सुझावों को स्वीकार किया है और अगले वर्ष के कार्यक्रम के लिए परम्परा और आधुनिकता के संतुलन को सुनिश्चित करने हेतु योजना बनाने का वादा किया है।
इस वर्ष भीड़ में स्पष्ट गिरावट देखी गई। परेड के मार्ग पर कई दुकानें बंद रही और झांकी के दूसरे दिन का स्थानीय अवकाश नहीं दिया गया, जिससे कार्यक्रम का पैमाना छोटा दिखा।
सांस्कृतिक विद्वानों और स्थानीय इतिहासकारों ने कहा कि कम भागीदारी परम्परा के धीरे‑धीरे फीके पड़ने का संकेत है। उन्होंने नगर निगम और सामुदायिक समूहों से नई थीम, बेहतर प्रचार और सुविधाओं में सुधार जैसे कदम उठाकर झांकी को पुनर्जीवित करने की अपील की।
इंदौर नगर निगम ने इन सुझावों को स्वीकार किया है और अगले वर्ष के कार्यक्रम के लिए परम्परा और आधुनिकता के संतुलन को सुनिश्चित करने हेतु योजना बनाने का वादा किया है।