📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / John Hoey from Framingham, MA, United States
स्थानीय
इंदौर में जल संकट से निपटने के लिए पुराने कुएँ और बावड़ी को पुनर्जीवित किया जाएगा
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 11 अक्टू. 2026, 06:45 AM
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कम बारिश से उत्पन्न जल संकट को देखते हुए इंदौर नगर निगम हर वार्ड के कुएँ‑बावड़ी पर हाइड्रेट स्थापित करेगा और नई जल नीति लागू करेगा, जिसमें जनवरी से वॉशिंग सेंटर बंद करना शामिल है।
इंदौर में कम वर्षा के कारण जल की गंभीर कमी का सामना किया जा रहा है। इस संकट से निपटने के लिए इंदौर नगर निगम ने एक व्यापक योजना तैयार की है, जिसमें शहर के पारम्परिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित किया जाएगा।
योजना के तहत हर वार्ड के सभी कुएँ‑बावड़ी पर हाइड्रेट स्थापित किए जाएंगे, जिससे निवासियों को पानी अधिक सुगमता से उपलब्ध हो सके। साथ ही नई जल नीति लागू की जाएगी, जिसका उद्देश्य जल की खपत को नियंत्रित करना और बर्बादी को रोकना है।
तत्काल कदम के रूप में जनवरी से सभी नगरपालिका वॉशिंग सेंटर बंद कर दिए जाएंगे, ताकि गैर‑आवश्यक जल उपयोग में कमी लाई जा सके। इस प्रकार के उपाय पुराने कुएँ‑बावड़ी का उपयोग करके जल उपलब्धता को बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं, जबकि शहर सामान्य मानसून का इंतजार कर रहा है।
योजना के तहत हर वार्ड के सभी कुएँ‑बावड़ी पर हाइड्रेट स्थापित किए जाएंगे, जिससे निवासियों को पानी अधिक सुगमता से उपलब्ध हो सके। साथ ही नई जल नीति लागू की जाएगी, जिसका उद्देश्य जल की खपत को नियंत्रित करना और बर्बादी को रोकना है।
तत्काल कदम के रूप में जनवरी से सभी नगरपालिका वॉशिंग सेंटर बंद कर दिए जाएंगे, ताकि गैर‑आवश्यक जल उपयोग में कमी लाई जा सके। इस प्रकार के उपाय पुराने कुएँ‑बावड़ी का उपयोग करके जल उपलब्धता को बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं, जबकि शहर सामान्य मानसून का इंतजार कर रहा है।