📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / McKay Savage from London, UK
स्थानीय
इंदौर में चार चौराहों पर लेफ्ट टर्न फ्री ट्रैफिक प्रयोग
✍️ Amar Ujala · Indore
🗓 31 अक्टू. 2026, 10:32 PM
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इंदौर की सात सदस्यीय ट्रैफिक समिति ने चार प्रमुख चौराहों को परीक्षण के लिये चुना है, जहाँ लेफ्ट टर्न बंद कर जाम कम करने की नई योजना लागू होगी।
इंदौर की सात सदस्यीय ट्रैफिक समिति ने शहर में लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए एक विशेष योजना तैयार की है। समिति ने चार प्रमुख चौराहों को परीक्षण स्थल के रूप में चुना, जहाँ लेफ्ट टर्न को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा, जिससे वाहन सीधे या दाएँ मुड़ते हुए बिना रुकावट के आगे बढ़ सकेंगे।
लेफ्ट टर्न प्रतिबंध के साथ-साथ सिग्नल टाइमिंग को समन्वित करना, दाएँ मुड़ने के लिए अलग लेन बनाना और ट्रैफिक कैमरों से रीयल‑टाइम मॉनिटरिंग जैसी अतिरिक्त उपाय भी प्रस्तावित किए गए हैं। इन कदमों से पीक आवर्स में ट्रैफिक का प्रवाह सुगम होगा और आसपास की सड़कों में भी जाम कम होगा।
पायलट प्रोजेक्ट की अवधि प्रारम्भिक रूप से तीन महीने निर्धारित की गई है, जिसके दौरान यात्रा समय और कतार की लंबाई जैसे आंकड़े एकत्रित कर विश्लेषण किए जाएंगे। यदि डेटा में स्पष्ट सुधार दिखता है, तो शहर भर में इस लेफ्ट टर्न‑फ्री मॉडल को लागू करने की योजना है।
अधिकारियों ने कहा कि यह प्रयोग इंदौर के शहरी परिवहन को आधुनिक बनाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जो राष्ट्रीय स्मार्ट‑सिटी पहलों के साथ संरेखित है। अंतिम निर्णय से पहले जनता की राय ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म और स्थानीय वार्ड कार्यालयों के माध्यम से ली जाएगी।
लेफ्ट टर्न प्रतिबंध के साथ-साथ सिग्नल टाइमिंग को समन्वित करना, दाएँ मुड़ने के लिए अलग लेन बनाना और ट्रैफिक कैमरों से रीयल‑टाइम मॉनिटरिंग जैसी अतिरिक्त उपाय भी प्रस्तावित किए गए हैं। इन कदमों से पीक आवर्स में ट्रैफिक का प्रवाह सुगम होगा और आसपास की सड़कों में भी जाम कम होगा।
पायलट प्रोजेक्ट की अवधि प्रारम्भिक रूप से तीन महीने निर्धारित की गई है, जिसके दौरान यात्रा समय और कतार की लंबाई जैसे आंकड़े एकत्रित कर विश्लेषण किए जाएंगे। यदि डेटा में स्पष्ट सुधार दिखता है, तो शहर भर में इस लेफ्ट टर्न‑फ्री मॉडल को लागू करने की योजना है।
अधिकारियों ने कहा कि यह प्रयोग इंदौर के शहरी परिवहन को आधुनिक बनाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जो राष्ट्रीय स्मार्ट‑सिटी पहलों के साथ संरेखित है। अंतिम निर्णय से पहले जनता की राय ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म और स्थानीय वार्ड कार्यालयों के माध्यम से ली जाएगी।