📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harvib
अपराध
इंदौर पुलिस ने 10 करोड़ की साइबर ठगी में दो आरोपी गिरफ्तार
✍️ Amar Ujala · Indore
🗓 07 सित. 2026, 05:02 PM
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इंदौर पुलिस ने दीपक राव और गौरव राठौर को 10 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के लिए गिरफ्तार किया, जिसमें फर्जी खातों में धनराशि ट्रांसफर की गई, नेटवर्क 13 राज्यों तक फैला था।
इंदौर पुलिस ने दो संदिग्ध, दीपक राव और गौरव राठौर, को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने 10 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी में फर्जी खातों में धनराशि ट्रांसफर की थी। जांच में पता चला कि इस धनराशि को 11 एटीएम कार्ड और आठ नकली सिम कार्डों के माध्यम से भेजा गया, जिससे जटिल लेन‑देन का जाल बना।
पुलिस ने दस से अधिक पीड़ित खातों में जमा हुई राशि का पता लगाया, जो कुल मिलाकर 10 करोड़ रुपये से अधिक थी। साथ ही 5 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेन‑देन भी उजागर हुए।
यह ठगी नेटवर्क 13 राज्यों में फैला हुआ पाया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि यह एक समन्वित ऑपरेशन था, जिसमें कई क्षेत्रों की भागीदारी थी। डिजिटल सबूत जब्त कर पुलिस ने इस योजना की पूरी सीमा को समझने की कोशिश जारी रखी है।
इंदौर साइबर क्राइम यूनिट ने अन्य राज्य पुलिस के सहयोग से एक साथ छापेमारी की और संदिग्धों को हिरासत में लिया। अब वे सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और संबंधित वित्तीय अपराध धारा के तहत मुकदमे का सामना करेंगे।
पुलिस ने कहा कि इस कार्रवाई से देश में बढ़ती साइबर ठगी के खिलाफ सख्त कदम उठाने की उनकी प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।
पुलिस ने दस से अधिक पीड़ित खातों में जमा हुई राशि का पता लगाया, जो कुल मिलाकर 10 करोड़ रुपये से अधिक थी। साथ ही 5 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेन‑देन भी उजागर हुए।
यह ठगी नेटवर्क 13 राज्यों में फैला हुआ पाया गया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि यह एक समन्वित ऑपरेशन था, जिसमें कई क्षेत्रों की भागीदारी थी। डिजिटल सबूत जब्त कर पुलिस ने इस योजना की पूरी सीमा को समझने की कोशिश जारी रखी है।
इंदौर साइबर क्राइम यूनिट ने अन्य राज्य पुलिस के सहयोग से एक साथ छापेमारी की और संदिग्धों को हिरासत में लिया। अब वे सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और संबंधित वित्तीय अपराध धारा के तहत मुकदमे का सामना करेंगे।
पुलिस ने कहा कि इस कार्रवाई से देश में बढ़ती साइबर ठगी के खिलाफ सख्त कदम उठाने की उनकी प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।