📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Yann Forget
सरकारी योजना
इंदौर, भोपाल, उज्जैन को ‘ज़ीरो फ़ेटैलिटी डिस्ट्रिक्ट’ बनाया जाएगा
✍️ timesofindia.indiatimes.com
🗓 03 सित. 2026, 06:33 AM
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मध्य प्रदेश सरकार ने इंदौर, भोपाल और उज्जैन को ज़ीरो फ़ेटैलिटी डिस्ट्रिक्ट बनाने की योजना की घोषणा की, जिसका लक्ष्य सड़क और कार्यस्थल की मौतों को समाप्त करना है।
मध्य प्रदेश सरकार ने एक नई सुरक्षा योजना की घोषणा की है, जिसके तहत इंदौर, भोपाल और उज्जैन को "ज़ीरो फ़ेटैलिटी डिस्ट्रिक्ट" के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य इन जिलों में दुर्घटनात्मक मौतों को शून्य तक ले जाना है, जिसके लिए सड़क सुरक्षा प्रवर्तन को सुदृढ़ करना, आपातकालीन प्रतिक्रिया को तेज़ करना और कार्यस्थल स्वास्थ्य मानकों को कड़ा करना शामिल है।
इस योजना के तहत जिला पुलिस, नगर निगम और राज्य परिवहन विभाग मिलकर अतिरिक्त ट्रैफ़िक कैमरे स्थापित करेंगे, संकेतों को बेहतर बनाएँगे और निर्माण स्थलों की नियमित सुरक्षा जांच करेंगे। एक विशेष टास्क‑फ़ोर्स अनुपालन की निगरानी करेगा और मासिक रूप से मृत्यु आँकड़े प्रकाशित करेगा।
अधिकारियों ने बताया कि यह पायलट दो साल की प्रारम्भिक अवधि के लिए चलाया जाएगा, और सफल परिणाम मिलने पर इसे राज्य के अन्य जिलों में दोहराया जाएगा। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय सड़क‑सुरक्षा लक्ष्यों को पूरा करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
बोर्ड में बhopal में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन बचाना सरकार की प्राथमिकता है और नागरिकों से सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग करने का आग्रह किया।
यदि निर्धारित लक्ष्य हासिल हो जाते हैं, तो मध्य प्रदेश अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल स्थापित कर सकेगा, जो दुर्घटनात्मक मौतों को घटाने और समग्र सुरक्षा बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
इस योजना के तहत जिला पुलिस, नगर निगम और राज्य परिवहन विभाग मिलकर अतिरिक्त ट्रैफ़िक कैमरे स्थापित करेंगे, संकेतों को बेहतर बनाएँगे और निर्माण स्थलों की नियमित सुरक्षा जांच करेंगे। एक विशेष टास्क‑फ़ोर्स अनुपालन की निगरानी करेगा और मासिक रूप से मृत्यु आँकड़े प्रकाशित करेगा।
अधिकारियों ने बताया कि यह पायलट दो साल की प्रारम्भिक अवधि के लिए चलाया जाएगा, और सफल परिणाम मिलने पर इसे राज्य के अन्य जिलों में दोहराया जाएगा। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय सड़क‑सुरक्षा लक्ष्यों को पूरा करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।
बोर्ड में बhopal में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन बचाना सरकार की प्राथमिकता है और नागरिकों से सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग करने का आग्रह किया।
यदि निर्धारित लक्ष्य हासिल हो जाते हैं, तो मध्य प्रदेश अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल स्थापित कर सकेगा, जो दुर्घटनात्मक मौतों को घटाने और समग्र सुरक्षा बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में काम कर रहे हैं।