📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Indian Space Research Organisation
बिज़नेस
भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था 8 साल में $45 बिलियन तक पहुँचने की संभावना
✍️ ET Edge Insights
🗓 20 अक्टू. 2026, 11:37 AM
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ET Edge Insights के अनुसार, भारत की अंतरिक्ष क्षेत्र अगले सात‑आठ वर्षों में $45 बिलियन की कीमत तक पहुँच सकता है, जो वाणिज्यिक गतिविधियों के विस्तार से संभव है।
ET Edge Insights के विश्लेषकों ने अनुमान लगाया है कि भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था अगले सात‑आठ वर्षों में $45 बिलियन के मूल्य तक पहुँच सकती है। यह भविष्यवाणी वाणिज्यिक लॉन्च सेवाओं, उपग्रह निर्माण और डेटा अनुप्रयोगों के तेज़ विस्तार को दर्शाती है, जो निजी निवेश को आकर्षित कर रहे हैं।
सरकार और निजी कंपनियों के बीच सहयोग बढ़ने के साथ, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों का वाणिज्यीकरण तेज़ हो रहा है, जिससे पारंपरिक रक्षा‑उन्मुख कार्यक्रमों पर निर्भरता कम हो रही है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक उपग्रह लॉन्च और डाउनस्ट्रीम सेवाओं में भारत का बड़ा हिस्सा राजस्व में इज़ाफ़ा करेगा।
यदि यह अनुमान साकार होता है, तो $45 बिलियन का बाजार भारत को विश्व के प्रमुख अंतरिक्ष अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनाता है, जिससे रोजगार सृजन, नवाचार और राष्ट्रीय जीडीपी में महत्वपूर्ण योगदान की संभावना बढ़ती है।
सरकार और निजी कंपनियों के बीच सहयोग बढ़ने के साथ, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों का वाणिज्यीकरण तेज़ हो रहा है, जिससे पारंपरिक रक्षा‑उन्मुख कार्यक्रमों पर निर्भरता कम हो रही है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक उपग्रह लॉन्च और डाउनस्ट्रीम सेवाओं में भारत का बड़ा हिस्सा राजस्व में इज़ाफ़ा करेगा।
यदि यह अनुमान साकार होता है, तो $45 बिलियन का बाजार भारत को विश्व के प्रमुख अंतरिक्ष अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनाता है, जिससे रोजगार सृजन, नवाचार और राष्ट्रीय जीडीपी में महत्वपूर्ण योगदान की संभावना बढ़ती है।