📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Indian Space Research Organisation
बिज़नेस
भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था 2037 तक 40‑45 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना
✍️ NDTV Profit
🗓 23 अग. 2026, 02:48 PM
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NDTV Profit की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की अंतरिक्ष क्षेत्र 2037 तक 40‑45 बिलियन डॉलर के बीच मूल्यांकन हो सकता है।
NDTV Profit द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट ने अनुमान लगाया है कि भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था 2037 तक 40 बिलियन से 45 बिलियन डॉलर के बीच मूल्यांकन हो सकती है। यह भविष्यवाणी सरकारी पहलों और निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी को ध्यान में रखकर दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस विस्तार को व्यावसायिक उपग्रह लॉन्च, उपग्रह‑आधारित सेवाओं की बढ़ती मांग और अंतरराष्ट्रीय सहयोगों से गति मिलेगी। ये प्रवृत्तियाँ पारंपरिक रक्षा और वैज्ञानिक मिशनों से परे राजस्व स्रोतों को विस्तारित करने की संभावना रखती हैं।
यदि यह अनुमान साकार होता है, तो भारत विश्व के प्रमुख अंतरिक्ष अर्थव्यवस्थाओं में स्थान प्राप्त कर सकता है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और अनुसंधान, निर्माण तथा सहायक सेवाओं में निवेश आकर्षित होगा।
यह आंकड़ा नीति निर्माताओं द्वारा एक मजबूत अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करने के रणनीतिक महत्व को रेखांकित करता है, जिसका उद्देश्य अगले दशक‑और‑आधा में तकनीकी क्षमता को ठोस आर्थिक लाभ में बदलना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस विस्तार को व्यावसायिक उपग्रह लॉन्च, उपग्रह‑आधारित सेवाओं की बढ़ती मांग और अंतरराष्ट्रीय सहयोगों से गति मिलेगी। ये प्रवृत्तियाँ पारंपरिक रक्षा और वैज्ञानिक मिशनों से परे राजस्व स्रोतों को विस्तारित करने की संभावना रखती हैं।
यदि यह अनुमान साकार होता है, तो भारत विश्व के प्रमुख अंतरिक्ष अर्थव्यवस्थाओं में स्थान प्राप्त कर सकता है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और अनुसंधान, निर्माण तथा सहायक सेवाओं में निवेश आकर्षित होगा।
यह आंकड़ा नीति निर्माताओं द्वारा एक मजबूत अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करने के रणनीतिक महत्व को रेखांकित करता है, जिसका उद्देश्य अगले दशक‑और‑आधा में तकनीकी क्षमता को ठोस आर्थिक लाभ में बदलना है।