📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Power
बिज़नेस
CLSA के अनुसार खर्च में कटौती से भारत की जीडीपी वृद्धि H2 FY27 में 5.5‑6% तक घटेगी
✍️ Asianet Newsable
🗓 02 अक्टू. 2026, 02:37 PM
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CLSA ने बताया कि खर्च में कड़ी नियंत्रण के कारण भारत की अर्थव्यवस्था FY27 की दूसरी छमाही में 5.5%‑6% की दर से बढ़ेगी।
सिंगापुर स्थित निवेश बैंक CLSA ने भारत की जीडीपी के लिए अपना अनुमान बदला है, और बताया है कि वित्तीय वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में आर्थिक वृद्धि 5.5%‑6% तक धीमी हो जाएगी। यह आंकड़ा हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा घोषित खर्च में कड़ी पाबंदी को दर्शाता है।
बैंक का मानना है कि सार्वजनिक क्षेत्र के खर्च में कटौती और बजट अनुशासन की सख्ती से मांग में गिरावट आएगी, जिससे उन क्षेत्रों में मंदी होगी जो पहले उच्च सरकारी खर्च से लाभान्वित हुए थे। साथ ही वैश्विक व्यापार में धीमी गति भी इस अनुमान में शामिल है।
विश्लेषकों का कहना है कि यह नई दर भारत को कई उभरते बाजारों से ऊपर रखती है, पर यह FY27 की पहली छमाही में दर्ज 7% से अधिक की तेज़ी से स्पष्ट गिरावट दर्शाती है। यह भविष्यवाणी मौद्रिक नीति और निवेशकों की भावना को प्रभावित कर सकती है, विशेषकर अगली बजट अवधि के निकट।
नीति निर्माताओं को वित्तीय सतर्कता और विकास‑समर्थक उपायों के बीच संतुलन बनाना पड़ेगा, जबकि बाजार इस बात पर नज़र रखेंगे कि क्या कोई संकेत इस गति को बदल सकता है।
बैंक का मानना है कि सार्वजनिक क्षेत्र के खर्च में कटौती और बजट अनुशासन की सख्ती से मांग में गिरावट आएगी, जिससे उन क्षेत्रों में मंदी होगी जो पहले उच्च सरकारी खर्च से लाभान्वित हुए थे। साथ ही वैश्विक व्यापार में धीमी गति भी इस अनुमान में शामिल है।
विश्लेषकों का कहना है कि यह नई दर भारत को कई उभरते बाजारों से ऊपर रखती है, पर यह FY27 की पहली छमाही में दर्ज 7% से अधिक की तेज़ी से स्पष्ट गिरावट दर्शाती है। यह भविष्यवाणी मौद्रिक नीति और निवेशकों की भावना को प्रभावित कर सकती है, विशेषकर अगली बजट अवधि के निकट।
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