📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ipsingh at English Wikipedia
बिज़नेस
इंडिया‑न्यूज़ीलैंड एफ़टीए से तमिलनाडु निर्यातकों को तेज़ी
✍️ DT Next
🗓 22 अक्टू. 2026, 11:17 AM
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भारत‑न्यूज़ीलैंड के नए मुक्त व्यापार समझौते से तमिलनाडु के निर्यातकों को कम शुल्क और आसान प्रक्रिया के कारण तेज़ी से लाभ मिलने की उम्मीद है।
भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच हाल ही में लागू हुए मुक्त व्यापार समझौते ने दो देशों के बीच वस्तुओं के आयात‑निर्यात पर कई शुल्क बाधाओं को हटा दिया है और कस्टम प्रक्रिया को सरल बनाया है। इस नई व्यवस्था के तहत तमिलनाडु के निर्यातकों को न्यूज़ीलैंड में कम आयात शुल्क और तेज़ क्लीयरेंस का लाभ मिलेगा, जिससे वे पैसिफिक बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल करेंगे।
दक्षिण भारत के प्रमुख उत्पादन केंद्र तमिलनाडु, कपड़ा, लेदर और इंजीनियरिंग वस्तुओं के निर्यात में देश का बड़ा हिस्सा रखता है। विशेषज्ञों का मानना है कि एफ़टीए इन क्षेत्रों को नई संभावनाएँ प्रदान करेगा, जिससे कंपनियां न्यूज़ीलैंड के रिटेल और होलसेल चैनलों में अपनी पहुंच बढ़ा सकेंगी।
राज्य के व्यापार संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया, यह कहा कि शुल्क में कमी और प्रक्रिया में सरलता छोटे और मध्यम उद्यमों को उच्च मूल्य वाले बाजार में बिना अतिरिक्त लागत और समय के प्रवेश करने में मदद करेगी। उन्होंने निर्यातकों को नई नियमावली के अनुसार अपने दस्तावेजीकरण को अपडेट करने का आग्रह किया है।
वाणिज्य मंत्रालय ने चेन्नई और अन्य प्रमुख शहरों में कई जागरूकता कार्यक्रमों की घोषणा की है, जिससे व्यवसायियों को नई दस्तावेजी आवश्यकताओं की जानकारी मिले और द्विपक्षीय व्यापार मेलों को बढ़ावा मिले।
दक्षिण भारत के प्रमुख उत्पादन केंद्र तमिलनाडु, कपड़ा, लेदर और इंजीनियरिंग वस्तुओं के निर्यात में देश का बड़ा हिस्सा रखता है। विशेषज्ञों का मानना है कि एफ़टीए इन क्षेत्रों को नई संभावनाएँ प्रदान करेगा, जिससे कंपनियां न्यूज़ीलैंड के रिटेल और होलसेल चैनलों में अपनी पहुंच बढ़ा सकेंगी।
राज्य के व्यापार संगठनों ने इस कदम का स्वागत किया, यह कहा कि शुल्क में कमी और प्रक्रिया में सरलता छोटे और मध्यम उद्यमों को उच्च मूल्य वाले बाजार में बिना अतिरिक्त लागत और समय के प्रवेश करने में मदद करेगी। उन्होंने निर्यातकों को नई नियमावली के अनुसार अपने दस्तावेजीकरण को अपडेट करने का आग्रह किया है।
वाणिज्य मंत्रालय ने चेन्नई और अन्य प्रमुख शहरों में कई जागरूकता कार्यक्रमों की घोषणा की है, जिससे व्यवसायियों को नई दस्तावेजी आवश्यकताओं की जानकारी मिले और द्विपक्षीय व्यापार मेलों को बढ़ावा मिले।