📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Shibangkp
यात्रा
रेलवे ने सिवोक‑रंगपो लाइन के निकट पूर्ण होने पर गंगटोक रेल लिंक को तेज किया
✍️ The Times of India
🗓 03 अक्टू. 2026, 04:02 PM
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सिवोक‑रंगपो रेलवे परियोजना, जो गंगटोक को राष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़ती है, पूर्णता के कगार पर है, जिससे रेलवे ने अंतिम लिंक को तेज करने का निर्णय लिया।
रेलवे मंत्रालय ने बताया कि सिवोक‑रंगपो लाइन, जो पूर्वी हिमालय की तलहटी में 45 किलोमीटर की दूरी को कवर करती है, अब पूर्णता के निकट है। यह लाइन रंगपो में समाप्त होगी और भविष्य में सिक्किम की राजधानी गंगटोक तक विस्तारित की जाएगी। मुख्य ट्रैक का अधिकांश काम पूरा हो चुका है, इसलिए शेष टनल, पुल और सिग्नलिंग कार्यों को तेज़ी से पूरा करने का निर्देश दिया गया है, जिससे 2025 तक संचालन की उम्मीद है।
यह तेज़ गति वाला शेड्यूल उत्तर‑पूर्वी क्षेत्र में कनेक्टिविटी बढ़ाने और सिक्किम के पर्यटन व व्यापार को प्रोत्साहित करने के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है। रेलवे इंजीनियरों ने अतिरिक्त कर्मियों को तैनात किया है और रात की शिफ्टों में काम करके शेष सिविल कार्यों को शीघ्र पूरा करने का प्रयास किया है।
लाइन के चालू होने पर नई जलपाईगुड़ी से गंगटोक तक की यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे वर्तमान में छह घंटे से अधिक लगने वाली सड़क यात्रा का एक तेज़ और विश्वसनीय विकल्प मिलेगा। यह परियोजना दूरस्थ पहाड़ी राज्यों को राष्ट्रीय परिवहन नेटवर्क से जोड़ने के सरकारी लक्ष्य के अनुरूप है।
गंगटोक के विस्तार की अंतिम लागत अभी तक घोषित नहीं की गई है, पर सिवोक‑रंगपो खंड के लिए पहले अनुमानित खर्च लगभग ₹5,000 करोड़ बताया गया था। इस लाइन में कई लंबे टनल और वायडक्ट शामिल होंगे, जो इस क्षेत्र की भूकंपीय सक्रियता को सहन करने के लिए डिजाइन किए गए हैं।
सिक्किम के स्थानीय अधिकारियों ने इस विकास का स्वागत किया, क्योंकि इससे पर्यटन क्षेत्र को आर्थिक लाभ और स्थानीय व्यवसायों के लिए बेहतर लॉजिस्टिक्स की संभावना बढ़ेगी।
यह तेज़ गति वाला शेड्यूल उत्तर‑पूर्वी क्षेत्र में कनेक्टिविटी बढ़ाने और सिक्किम के पर्यटन व व्यापार को प्रोत्साहित करने के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है। रेलवे इंजीनियरों ने अतिरिक्त कर्मियों को तैनात किया है और रात की शिफ्टों में काम करके शेष सिविल कार्यों को शीघ्र पूरा करने का प्रयास किया है।
लाइन के चालू होने पर नई जलपाईगुड़ी से गंगटोक तक की यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे वर्तमान में छह घंटे से अधिक लगने वाली सड़क यात्रा का एक तेज़ और विश्वसनीय विकल्प मिलेगा। यह परियोजना दूरस्थ पहाड़ी राज्यों को राष्ट्रीय परिवहन नेटवर्क से जोड़ने के सरकारी लक्ष्य के अनुरूप है।
गंगटोक के विस्तार की अंतिम लागत अभी तक घोषित नहीं की गई है, पर सिवोक‑रंगपो खंड के लिए पहले अनुमानित खर्च लगभग ₹5,000 करोड़ बताया गया था। इस लाइन में कई लंबे टनल और वायडक्ट शामिल होंगे, जो इस क्षेत्र की भूकंपीय सक्रियता को सहन करने के लिए डिजाइन किए गए हैं।
सिक्किम के स्थानीय अधिकारियों ने इस विकास का स्वागत किया, क्योंकि इससे पर्यटन क्षेत्र को आर्थिक लाभ और स्थानीय व्यवसायों के लिए बेहतर लॉजिस्टिक्स की संभावना बढ़ेगी।