📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Janak Bhatta
बिज़नेस
ऑरैकल ने चेतावनी, भारतीय कंपनियों ने एआई अपनाने की गति तेज़ की
✍️ BusinessLine
🗓 08 नव. 2026, 05:31 AM
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भारतीय कंपनियां एआई परियोजनाओं को तेज़ी से लागू कर रही हैं, पर ऑरैकल ने डेटा गुणवत्ता, कौशल कमी और नियामक अनुपालन जैसी चुनौतियों पर ध्यान देने की चेतावनी दी।
भारतीय कंपनियां अब एआई को अपने संचालन में तेजी से शामिल कर रही हैं, वित्त, विनिर्माण और खुदरा जैसे क्षेत्रों में पायलट और बड़े स्तर पर परियोजनाएं चल रही हैं। प्रतिस्पर्धात्मक दबाव और दक्षता बढ़ाने की संभावनाएं मुख्य प्रेरक बन रही हैं।
ऑरैकल, प्रमुख क्लाउड सेवा प्रदाता, ने चेतावनी दी है कि अपनाने की गति को मजबूत बुनियादी ढांचे के साथ संतुलित करना आवश्यक है। कंपनी ने हालिया ब्रीफ़िंग में तीन प्रमुख चुनौतियों को उजागर किया: डेटा की गुणवत्ता सुनिश्चित करना, एआई विशेषज्ञों की कमी को पूरा करना और बदलते नियामक ढांचे के साथ तालमेल बिठाना।
विश्लेषकों का मानना है कि जो कंपनियां डेटा गवर्नेंस में निवेश करती हैं और अपने कर्मचारियों को नई तकनीकों में प्रशिक्षित करती हैं, वे एआई के लाभों को अधिकतम कर जोखिम को कम कर पाएंगी। जैसे-जैसे बाजार परिपक्व होगा, तकनीकी विक्रेताओं और भारतीय व्यवसायों के बीच सहयोग बढ़ेगा, जिससे इन चुनौतियों का समाधान संभव होगा।
ऑरैकल, प्रमुख क्लाउड सेवा प्रदाता, ने चेतावनी दी है कि अपनाने की गति को मजबूत बुनियादी ढांचे के साथ संतुलित करना आवश्यक है। कंपनी ने हालिया ब्रीफ़िंग में तीन प्रमुख चुनौतियों को उजागर किया: डेटा की गुणवत्ता सुनिश्चित करना, एआई विशेषज्ञों की कमी को पूरा करना और बदलते नियामक ढांचे के साथ तालमेल बिठाना।
विश्लेषकों का मानना है कि जो कंपनियां डेटा गवर्नेंस में निवेश करती हैं और अपने कर्मचारियों को नई तकनीकों में प्रशिक्षित करती हैं, वे एआई के लाभों को अधिकतम कर जोखिम को कम कर पाएंगी। जैसे-जैसे बाजार परिपक्व होगा, तकनीकी विक्रेताओं और भारतीय व्यवसायों के बीच सहयोग बढ़ेगा, जिससे इन चुनौतियों का समाधान संभव होगा।