📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Suyash Dwivedi
रक्षा
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के लिए भारतीय सेना ने एआई कैमरा व एंटी‑हैकिंग सिस्टम लागू किए
✍️ Amar Ujala · Ujjain
🗓 03 सित. 2026, 09:33 AM
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उज्जैन में सिंहस्थ 2028 में लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिये भारतीय सेना एआई कैमरे और एंटी‑हैकिंग तकनीक का उपयोग करेगी।
उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ 2028 में लगभग 40 करोड़ श्रद्धालु भाग लेने की उम्मीद है। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए भारतीय सेना को अपने नवीनतम हाई‑टेक समाधान लागू करने का आदेश दिया गया है।
सेना के इंजीनियर एआई‑सक्षम कैमरों को स्थल के विभिन्न बिंदुओं पर स्थापित करेंगे, जिससे भीड़ की घनत्व और संभावित खतरे का रीयल‑टाइम निगरानी संभव होगी। यह प्रणाली स्वचालित रूप से असामान्य पैटर्न पहचान कर सुरक्षा कर्मियों को तुरंत सूचित करेगी।
साथ ही, एंटी‑हैकिंग सिस्टम डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा करेगा, जिससे निगरानी नेटवर्क में अनधिकृत पहुंच या डेटा में छेड़छाड़ रोकी जा सके। अधिकारियों का कहना है कि एआई और साइबर‑सुरक्षा के इस मिश्रण से श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाते हुए धार्मिक कार्यक्रम में कोई बाधा नहीं आएगी।
यह कदम बड़े पैमाने पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में नागरिक सुरक्षा के लिए रक्षा‑स्तर की तकनीक के उपयोग की प्रवृत्ति को दर्शाता है।
सेना के इंजीनियर एआई‑सक्षम कैमरों को स्थल के विभिन्न बिंदुओं पर स्थापित करेंगे, जिससे भीड़ की घनत्व और संभावित खतरे का रीयल‑टाइम निगरानी संभव होगी। यह प्रणाली स्वचालित रूप से असामान्य पैटर्न पहचान कर सुरक्षा कर्मियों को तुरंत सूचित करेगी।
साथ ही, एंटी‑हैकिंग सिस्टम डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा करेगा, जिससे निगरानी नेटवर्क में अनधिकृत पहुंच या डेटा में छेड़छाड़ रोकी जा सके। अधिकारियों का कहना है कि एआई और साइबर‑सुरक्षा के इस मिश्रण से श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित माहौल बनाते हुए धार्मिक कार्यक्रम में कोई बाधा नहीं आएगी।
यह कदम बड़े पैमाने पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में नागरिक सुरक्षा के लिए रक्षा‑स्तर की तकनीक के उपयोग की प्रवृत्ति को दर्शाता है।