🔥 ट्रेंडिंग केंद्रीय मंत्री वी. सोमन्ना ने कर्नाटक... सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने नड्डू की बीस... Divine Solitaires ने Olocker के साथ मि... પોષણથી સમૃદ્ધ બાળપણ, સ્વસ્થ ભવિષ્યની મ... राजस्थान: खाद्य सुरक्षा योजना में अपात... Young leader Nikhil Kumaraswami welcom...
09 अक्टू. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
भारत को फिज़िकल AI अवसर को पकड़ना चाहिए, स्थानीय उत्पादन बढ़ाना चाहिए
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Eluveitie
टेक्नोलॉजी

भारत को फिज़िकल AI अवसर को पकड़ना चाहिए, स्थानीय उत्पादन बढ़ाना चाहिए

✍️ Asianet Newsable 🗓 09 अक्टू. 2026, 06:46 PM 👁 16
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को फिज़िकल AI के उभरते बाजार को पकड़ना और घरेलू उत्पादन को सुदृढ़ करना चाहिए।

Asianet Newsable ने बताया कि उद्योग विशेषज्ञ भारत सरकार और निजी क्षेत्र से फिज़िकल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते अवसर को पकड़ने का आग्रह कर रहे हैं। उनका मानना है कि AI का रोबोटिक्स, सेंसर और एज कंप्यूटिंग के साथ मिलन एक नया निर्माण मॉडल बना रहा है, जिसे भारत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

फिज़िकल AI उन AI‑सिस्टमों को कहा जाता है जो स्वायत्त रोबोट, स्मार्ट फैक्ट्री और कनेक्टेड उपकरणों जैसे ठोस उपकरणों में एम्बेडेड होते हैं। ये तकनीकें उत्पादन में दक्षता, प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस और रीयल‑टाइम निर्णय‑लेने की क्षमता को बढ़ाती हैं, चाहे वह ऑटोमोबाइल हो या फार्मास्यूटिकल्स।

ऐसे AI‑सक्षम हार्डवेयर का स्थानीय उत्पादन आयात पर निर्भरता घटाने, स्वदेशी नवाचार को प्रोत्साहित करने और कुशल रोजगार सृजन करने के लिए आवश्यक माना जा रहा है। विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि लक्षित प्रोत्साहन, नियामक सरलीकरण और अनुसंधान केंद्रों में निवेश इस बदलाव को तेज़ कर सकते हैं।

सारांश में, यदि एक स्पष्ट रणनीति नहीं बनायी गई तो भारत उन प्रतिस्पर्धी देशों से पीछे रह सकता है जो पहले से ही फिज़िकल AI उत्पादन को स्केल कर रहे हैं। इसलिए नीति निर्माताओं से अनुरोध है कि R&D, सप्लाई चेन और बाजार अपनाने को जोड़ने वाला सहयोगी माहौल तैयार किया जाए।
📲Get App