📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
देश
2027 की जनगणना शुरू, डिजिटल पद्धति अपनाई
✍️ ddnews.gov.in
🗓 04 सित. 2026, 12:33 PM
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2027 की जनगणना आज शुरू हुई, जिसमें भारत ने पहली बार पूरी तरह डिजिटल पद्धति अपनाई।
2027 की जनगणना आज भारत में शुरू हुई, जो देश के सबसे बड़े जनसांख्यिकीय सर्वेक्षण की शुरुआत को दर्शाती है। इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल उपकरणों के माध्यम से की जाएगी, जिससे पहले के कागज़ी तरीकों को पीछे छोड़ दिया गया है।
देश भर में सर्वेक्षक टैबलेट और स्मार्टफ़ोन से सुसज्जित हैं, जो घर‑घर की जानकारी को वास्तविक समय में दर्ज करेंगे। इस डिजिटल प्रणाली में जीपीएस टैगिंग, बायोमेट्रिक सत्यापन और डेटा का तुरंत केंद्रीय सर्वर पर अपलोड शामिल है, जिससे त्रुटियों में कमी और प्रसंस्करण की गति बढ़ेगी।
जनगणना सभी गांव, कस्बे और शहरों को कवर करेगी और कई महीनों तक चलने की संभावना है, जिसके बाद डेटा को एकत्रित किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि यह डिजिटल तरीका अधिक सटीक जनसांख्यिकीय, सामाजिक‑आर्थिक और आवासीय आँकड़े प्रदान करेगा, जो सार्वजनिक सेवाओं की योजना और सरकारी संसाधनों के वितरण में मददगार होंगे।
गृह मंत्रालय ने कहा है कि तकनीकी परिवर्तन से डेटा सुरक्षा और गोपनीयता भी मजबूत होगी, क्योंकि सभी जानकारी एन्क्रिप्टेड ट्रांसमिशन और कड़े एक्सेस कंट्रोल के तहत संभाली जाएगी।
देश भर में सर्वेक्षक टैबलेट और स्मार्टफ़ोन से सुसज्जित हैं, जो घर‑घर की जानकारी को वास्तविक समय में दर्ज करेंगे। इस डिजिटल प्रणाली में जीपीएस टैगिंग, बायोमेट्रिक सत्यापन और डेटा का तुरंत केंद्रीय सर्वर पर अपलोड शामिल है, जिससे त्रुटियों में कमी और प्रसंस्करण की गति बढ़ेगी।
जनगणना सभी गांव, कस्बे और शहरों को कवर करेगी और कई महीनों तक चलने की संभावना है, जिसके बाद डेटा को एकत्रित किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि यह डिजिटल तरीका अधिक सटीक जनसांख्यिकीय, सामाजिक‑आर्थिक और आवासीय आँकड़े प्रदान करेगा, जो सार्वजनिक सेवाओं की योजना और सरकारी संसाधनों के वितरण में मददगार होंगे।
गृह मंत्रालय ने कहा है कि तकनीकी परिवर्तन से डेटा सुरक्षा और गोपनीयता भी मजबूत होगी, क्योंकि सभी जानकारी एन्क्रिप्टेड ट्रांसमिशन और कड़े एक्सेस कंट्रोल के तहत संभाली जाएगी।