📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Devendramanaskar
बिज़नेस
भारत का इथेनॉल परिवर्तन: क्या अनाज आधारित फीडस्टॉक शुगर को बदल सकते हैं?
✍️ BusinessLine
🗓 02 नव. 2026, 06:38 AM
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बिज़नेसलाइन ने भारत के इथेनॉल उत्पादन को शुगर से अनाज आधारित फीडस्टॉक की ओर बदलने की पहल पर प्रकाश डाला, और सवाल उठाया कि क्या अनाज शुगर की जगह ले सकते हैं।
भारत अपनी ऊर्जा विविधीकरण रणनीति के तहत इथेनॉल के उपयोग को बढ़ा रहा है। सरकार ने पारंपरिक रूप से शुगरकैन के मोलेसिस को बायोफ्यूल उत्पादन का मुख्य फीडस्टॉक माना है। हाल के रिपोर्टों से पता चलता है कि गेहूँ और चावल जैसे अनाज आधारित पदार्थों का उपयोग बढ़ती इथेनॉल मांग को पूरा करने के लिए किया जा सकता है।
बिज़नेसलाइन का नवीनतम लेख जांचता है कि क्या ये अनाज शुगर को इथेनॉल सप्लाई चेन में प्रभावी रूप से बदल सकते हैं। लेख अनाज के फायदों पर प्रकाश डालता है, जैसे कि व्यापक उपलब्धता और कम लागत, साथ ही उत्पादन को बढ़ाने की चुनौतियों को भी दर्शाता है।
विश्लेषण नीति समर्थन और बुनियादी ढांचे में निवेश की आवश्यकता पर बल देता है ताकि अनाज‑आधारित इथेनॉल एक व्यवहार्य विकल्प बन सके। यह यह भी बताता है कि सफल परिवर्तन शुगरकैन किसानों पर दबाव कम करेगा और कृषि आधार को विविध बनाएगा।
बिज़नेसलाइन का नवीनतम लेख जांचता है कि क्या ये अनाज शुगर को इथेनॉल सप्लाई चेन में प्रभावी रूप से बदल सकते हैं। लेख अनाज के फायदों पर प्रकाश डालता है, जैसे कि व्यापक उपलब्धता और कम लागत, साथ ही उत्पादन को बढ़ाने की चुनौतियों को भी दर्शाता है।
विश्लेषण नीति समर्थन और बुनियादी ढांचे में निवेश की आवश्यकता पर बल देता है ताकि अनाज‑आधारित इथेनॉल एक व्यवहार्य विकल्प बन सके। यह यह भी बताता है कि सफल परिवर्तन शुगरकैन किसानों पर दबाव कम करेगा और कृषि आधार को विविध बनाएगा।