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बिज़नेस
भारत ने क़तर के निवेशकों को आर्थिक एवं व्यापारिक सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया
✍️ The Indian Awaaz
🗓 01 अक्टू. 2026, 09:46 AM
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नई दिल्ली ने क़तर के निवेशकों को संयुक्त उद्यमों की खोज के लिए आमंत्रित किया, जिससे द्विपक्षीय व्यापार व निवेश संबंध मजबूत हों।
नई दिल्ली ने क़तर के निवेशकों को विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी करने का खुला आमंत्रण जारी किया, जिसमें ऊर्जा, बुनियादी ढांचा और प्रौद्योगिकी शामिल हैं। यह घोषणा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने हालिया प्रेस ब्रीफ़िंग में की।
भारतीय अधिकारियों ने दोनों देशों की पूरक आर्थिक क्षमताओं पर प्रकाश डाला, यह बताया कि क़तर की हाइड्रोकार्बन परियोजनाओं में विशेषज्ञता और भारत की नवीकरणीय ऊर्जा एवं डिजिटल बुनियादी ढांचे की बढ़ती मांग एक-दूसरे को सुदृढ़ कर सकती है। इस सहयोग से व्यापार प्रवाह विविध होगा और दोनों पक्षों में नई नौकरियों का सृजन होगा।
सरकार ने इच्छुक क़तरियों के लिए एक कार्ययोजना प्रस्तुत की है, जिसमें व्यवसाय‑से‑व्यवसाय बैठकें, सेक्टर‑वार गोलमेज़ और नियामक मंजूरी में सहायता के लिए एक समर्पित संपर्क इकाई शामिल है। अधिकारियों ने कहा कि उच्च‑स्तरीय यात्राओं और संयुक्त कार्यसमूहों के माध्यम से संवाद जारी रहेगा।
हालांकि अभी तक कोई विशिष्ट निवेश राशि घोषित नहीं की गई है, यह आमंत्रण भारत की खाड़ी साझेदारियों को सुदृढ़ करने और व्यापक व्यापार रणनीति के हिस्से के रूप में आर्थिक संबंधों को गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
भारतीय अधिकारियों ने दोनों देशों की पूरक आर्थिक क्षमताओं पर प्रकाश डाला, यह बताया कि क़तर की हाइड्रोकार्बन परियोजनाओं में विशेषज्ञता और भारत की नवीकरणीय ऊर्जा एवं डिजिटल बुनियादी ढांचे की बढ़ती मांग एक-दूसरे को सुदृढ़ कर सकती है। इस सहयोग से व्यापार प्रवाह विविध होगा और दोनों पक्षों में नई नौकरियों का सृजन होगा।
सरकार ने इच्छुक क़तरियों के लिए एक कार्ययोजना प्रस्तुत की है, जिसमें व्यवसाय‑से‑व्यवसाय बैठकें, सेक्टर‑वार गोलमेज़ और नियामक मंजूरी में सहायता के लिए एक समर्पित संपर्क इकाई शामिल है। अधिकारियों ने कहा कि उच्च‑स्तरीय यात्राओं और संयुक्त कार्यसमूहों के माध्यम से संवाद जारी रहेगा।
हालांकि अभी तक कोई विशिष्ट निवेश राशि घोषित नहीं की गई है, यह आमंत्रण भारत की खाड़ी साझेदारियों को सुदृढ़ करने और व्यापक व्यापार रणनीति के हिस्से के रूप में आर्थिक संबंधों को गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।