📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Finance of India
विदेश
भारत और मेक्सिको ने व्यापार समझौते के टर्म्स ऑफ़ रेफ़रेंस पर हस्ताक्षर किए
✍️ The Hindu
🗓 29 अक्टू. 2026, 07:03 AM
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भारत और मेक्सिको ने टर्म्स ऑफ़ रेफ़रेंस पर हस्ताक्षर कर द्विपक्षीय प्रीफ़रेंशियल ट्रेड समझौते की बातचीत शुरू की है।
नई दिल्ली और मेक्सिको सिटी के अधिकारियों ने भारत‑मेक्सिको के बीच प्रीफ़रेंशियल ट्रेड समझौते की बातचीत के लिए टर्म्स ऑफ़ रेफ़रेंस (ToR) पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए। इस दस्तावेज़ में वार्ता का दायरा, उद्देश्य और प्रक्रिया संबंधी ढांचा निर्धारित किया गया है, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को गहरा करने की राह बनती है।
यह कदम द्विपक्षीय व्यापार को विस्तारित करने की पारस्परिक इच्छा को दर्शाता है, जो हाल के वर्षों में निरंतर बढ़ रहा है। टर्म्स ऑफ़ रेफ़रेंस के माध्यम से टैरिफ़ बाधाओं को कम करना, प्रमुख क्षेत्रों में बाजार पहुंच बढ़ाना और निवेश प्रवाह को प्रोत्साहित करना लक्ष्य है।
विस्तृत समय‑सारिणी अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है, पर यह हस्ताक्षर एक व्यापक व्यापार समझौते की दिशा में पहला ठोस कदम है, जो आपूर्ति श्रृंखलाओं को विविधित कर दोनों देशों के निर्यातकों के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है।
ऑटोमोबाइल घटक, फार्मास्यूटिकल्स और कृषि उत्पाद जैसे उद्योगों के हितधारक इस बातचीत को बारीकी से देख रहे हैं, क्योंकि प्रीफ़रेंशियल व्यवस्था के तहत बाजार पहुंच में संभावित विस्तार उनके लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
यह जानकारी द हिन्दू ने प्रकाशित की है, जो वैश्विक आर्थिक पुनर्संरचना के परिप्रेक्ष्य में भारत‑मेक्सिको व्यापार संबंधों के रणनीतिक महत्व को उजागर करती है।
यह कदम द्विपक्षीय व्यापार को विस्तारित करने की पारस्परिक इच्छा को दर्शाता है, जो हाल के वर्षों में निरंतर बढ़ रहा है। टर्म्स ऑफ़ रेफ़रेंस के माध्यम से टैरिफ़ बाधाओं को कम करना, प्रमुख क्षेत्रों में बाजार पहुंच बढ़ाना और निवेश प्रवाह को प्रोत्साहित करना लक्ष्य है।
विस्तृत समय‑सारिणी अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है, पर यह हस्ताक्षर एक व्यापक व्यापार समझौते की दिशा में पहला ठोस कदम है, जो आपूर्ति श्रृंखलाओं को विविधित कर दोनों देशों के निर्यातकों के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है।
ऑटोमोबाइल घटक, फार्मास्यूटिकल्स और कृषि उत्पाद जैसे उद्योगों के हितधारक इस बातचीत को बारीकी से देख रहे हैं, क्योंकि प्रीफ़रेंशियल व्यवस्था के तहत बाजार पहुंच में संभावित विस्तार उनके लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
यह जानकारी द हिन्दू ने प्रकाशित की है, जो वैश्विक आर्थिक पुनर्संरचना के परिप्रेक्ष्य में भारत‑मेक्सिको व्यापार संबंधों के रणनीतिक महत्व को उजागर करती है।