📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
विदेश
भारत और अर्जेंटीना ने व्यापार रोडमैप की समीक्षा, नई आर्थिक सहयोग की तलाश
✍️ thepublicworld.com
🗓 30 अग. 2026, 07:38 AM
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भारतीय और अर्जेंटीनी अधिकारियों ने मौजूदा व्यापार ढाँचे की समीक्षा की और कृषि, फार्मा व स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
नई दिल्ली – भारत और अर्जेंटीना के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने द्विपक्षीय व्यापार रोडमैप की समीक्षा करने के लिए बैठक की। इस चर्चा में पहले निर्धारित लक्ष्यों की प्रगति का मूल्यांकन और उन क्षेत्रों की पहचान करना शामिल था जहाँ सुधार की आवश्यकता है।
दोनों पक्षों ने कृषि निर्यात, फार्मास्यूटिकल निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएँ और डिजिटल प्रौद्योगिकी सहयोग को संभावित विकास क्षेत्रों के रूप में उजागर किया। इन क्षेत्रों में विस्तार से व्यापारिक मात्रा में विविधता आएगी और दोनों देशों के उद्यमियों के लिए नए बाजार अवसर पैदा होंगे।
बैठक का समापन एक संयुक्त कार्यसमूह की स्थापना के समझौते के साथ हुआ, जो अगले तिमाही में ठोस प्रस्ताव तैयार करेगा और आगे की सलाह‑मशवरे की योजना बनाएगा। अधिकारियों ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य रोडमैप की समीक्षा को व्यावहारिक कदमों में बदलना है, जिससे द्विपक्षीय व्यापार को गति मिलेगी।
विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक आपूर्ति‑शृंखला में बदलाव के बीच यह पुनः फोकस दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी को गहरा करने की इच्छा को दर्शाता है, जिससे भारत और अर्जेंटीना को वैश्विक दक्षिण में परस्पर पूरक साझेदार के रूप में स्थापित किया जा सके।
दोनों पक्षों ने कृषि निर्यात, फार्मास्यूटिकल निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएँ और डिजिटल प्रौद्योगिकी सहयोग को संभावित विकास क्षेत्रों के रूप में उजागर किया। इन क्षेत्रों में विस्तार से व्यापारिक मात्रा में विविधता आएगी और दोनों देशों के उद्यमियों के लिए नए बाजार अवसर पैदा होंगे।
बैठक का समापन एक संयुक्त कार्यसमूह की स्थापना के समझौते के साथ हुआ, जो अगले तिमाही में ठोस प्रस्ताव तैयार करेगा और आगे की सलाह‑मशवरे की योजना बनाएगा। अधिकारियों ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य रोडमैप की समीक्षा को व्यावहारिक कदमों में बदलना है, जिससे द्विपक्षीय व्यापार को गति मिलेगी।
विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक आपूर्ति‑शृंखला में बदलाव के बीच यह पुनः फोकस दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी को गहरा करने की इच्छा को दर्शाता है, जिससे भारत और अर्जेंटीना को वैश्विक दक्षिण में परस्पर पूरक साझेदार के रूप में स्थापित किया जा सके।