📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
विदेश
इमरान खान ने भारतीय पासपोर्ट पाने की कोशिश बताई, अमेरिकी नागरिकता की पुष्टि की
✍️ The Times of India
🗓 17 अक्टू. 2026, 05:49 AM
👁 13
पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारतीय पासपोर्ट पाने की कोशिश का खुलासा किया और अमेरिकी नागरिकता की पुष्टि की, जैसा कि द टाइम्स ऑफ इंडिया ने रिपोर्ट किया।
पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने द टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि वे भारतीय पासपोर्ट प्राप्त करने की कोशिश कर रहे थे। उसी बयान में उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वे अमेरिकी नागरिक हैं, जिससे उपमहाद्वीप में काफी चर्चा हुई है।
यह खुलासा पाकिस्तान में उनके खिलाफ चल रहे कई कानूनी मामलों और राजनीतिक चुनौतियों के बीच आया है। भारतीय यात्रा दस्तावेज़ की तलाश उनके अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव में एक नया पहलू जोड़ती है और उनके भविष्य के प्रवास संबंधी प्रश्न उठाती है।
द टाइम्स ऑफ इंडिया ने खान द्वारा उठाए गए प्रक्रियात्मक कदमों या उनके निराशा के कारणों के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी, केवल उनकी असंतुष्टि का उल्लेख किया। अब तक भारतीय या अमेरिकी अधिकारियों की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दर्ज नहीं हुई है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस दोहरी घोषणा से भारत‑पाकिस्तान के बीच historically तनावपूर्ण संबंधों को देखते हुए कूटनीतिक प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, आगे की स्पष्टता के बिना ठोस परिणाम अभी अनिश्चित हैं।
यह विकास पूर्व प्रधानमंत्री के जटिल व्यक्तिगत और राजनीतिक परिदृश्य को उजागर करता है, जो क्षेत्रीय राजनीति में अभी भी एक विभाजनकारी व्यक्तित्व बने हुए हैं।
यह खुलासा पाकिस्तान में उनके खिलाफ चल रहे कई कानूनी मामलों और राजनीतिक चुनौतियों के बीच आया है। भारतीय यात्रा दस्तावेज़ की तलाश उनके अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव में एक नया पहलू जोड़ती है और उनके भविष्य के प्रवास संबंधी प्रश्न उठाती है।
द टाइम्स ऑफ इंडिया ने खान द्वारा उठाए गए प्रक्रियात्मक कदमों या उनके निराशा के कारणों के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी, केवल उनकी असंतुष्टि का उल्लेख किया। अब तक भारतीय या अमेरिकी अधिकारियों की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दर्ज नहीं हुई है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस दोहरी घोषणा से भारत‑पाकिस्तान के बीच historically तनावपूर्ण संबंधों को देखते हुए कूटनीतिक प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, आगे की स्पष्टता के बिना ठोस परिणाम अभी अनिश्चित हैं।
यह विकास पूर्व प्रधानमंत्री के जटिल व्यक्तिगत और राजनीतिक परिदृश्य को उजागर करता है, जो क्षेत्रीय राजनीति में अभी भी एक विभाजनकारी व्यक्तित्व बने हुए हैं।