📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Education
टेक्नोलॉजी
आईआईएससी निदेशक ने कहा, 'प्रॉम्प्ट इंजन न बनें', गुजरात के अडानी यूनिवर्सिटी में एआई नियंत्रण की जरूरत
✍️ The Indian Express
🗓 02 नव. 2026, 02:17 AM
👁 20
गुजरात के अडानी यूनिवर्सिटी में बात करते हुए आईआईएससी निदेशक ने एआई को सिर्फ प्रॉम्प्ट जनरेटर न मानने और जिम्मेदार नियंत्रण की आवश्यकता पर बल दिया।
भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) के निदेशक ने गुजरात के अडानी यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए एआई को केवल प्रॉम्प्ट उत्पन्न करने वाले उपकरण के रूप में देखने के खतरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एआई को "प्रॉम्प्ट इंजन" बनाकर उपयोग करने से सोचने‑समझने की क्षमता और रचनात्मक समस्या‑समाधान क्षमताओं में कमी आ सकती है।
उन्होंने विकासकों, नीति निर्माताओं और शिक्षाविदों को मिलकर ऐसे दिशा‑निर्देश बनाने का आग्रह किया जिससे एआई का उपयोग जिम्मेदारी से हो। निदेशक ने चेतावनी दी कि प्रॉम्प्ट‑आधारित एआई का अनियंत्रित विस्तार दुरुपयोग और सामाजिक चुनौतियों को जन्म दे सकता है।
इन बातों का संदर्भ भारत में जनरेटिव एआई के बढ़ते उपयोग के बीच आया है, जिससे नियामक ढांचे और नैतिक मानकों को सुदृढ़ करने की मांग तेज़ हुई है। निदेशक ने इस क्षेत्र में अकादमिक समुदाय को एआई शासन पर चर्चा का नेतृत्व करने की अपील की।
उन्होंने विकासकों, नीति निर्माताओं और शिक्षाविदों को मिलकर ऐसे दिशा‑निर्देश बनाने का आग्रह किया जिससे एआई का उपयोग जिम्मेदारी से हो। निदेशक ने चेतावनी दी कि प्रॉम्प्ट‑आधारित एआई का अनियंत्रित विस्तार दुरुपयोग और सामाजिक चुनौतियों को जन्म दे सकता है।
इन बातों का संदर्भ भारत में जनरेटिव एआई के बढ़ते उपयोग के बीच आया है, जिससे नियामक ढांचे और नैतिक मानकों को सुदृढ़ करने की मांग तेज़ हुई है। निदेशक ने इस क्षेत्र में अकादमिक समुदाय को एआई शासन पर चर्चा का नेतृत्व करने की अपील की।