📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Post of India
कृषि
मेघालय में आईसीएआर के एक्वा विलेज मॉडल से मछली उत्पादन में वृद्धि
✍️ Livemint
🗓 03 नव. 2026, 03:31 AM
👁 17
मेघालय में आईसीएआर के एक्वा विलेज पहल ने मछली उत्पादन बढ़ाने के लिए तालाब, फ़िंगरलिंग और तकनीकी सहायता प्रदान की है।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने मेघालय में छोटे किसानों के बीच जलीय उत्पादन को सुदृढ़ करने के लिए एक्वा विलेज मॉडल शुरू किया है। इस योजना के तहत सामुदायिक मछली तालाब बनाकर, गुणवत्ता वाले फ़िंगरलिंग व चारा प्रदान करके और मछली पालन की सर्वोत्तम तकनीकों पर प्रशिक्षण देकर सहायता की जाती है।
प्रारंभिक चरण में तालाब प्रति हेक्टेयर मछली उत्पादन में स्पष्ट वृद्धि देखी गई है, जिससे भाग लेने वाले परिवारों की आय में सुधार हुआ है। इस मॉडल में बाजार संपर्क भी शामिल है, जिससे किसानों को अपने उत्पाद को क्षेत्रीय खरीदारों तक आसानी से पहुँचाने में मदद मिलती है।
आईसीआर के अधिकारियों का कहना है कि एक्वा विलेज ढाँचा पहाड़ी क्षेत्रों में पुनरावृत्ति किया जा सकता है, जिससे सतत मछली उत्पादन और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा मिलेगा।
प्रारंभिक चरण में तालाब प्रति हेक्टेयर मछली उत्पादन में स्पष्ट वृद्धि देखी गई है, जिससे भाग लेने वाले परिवारों की आय में सुधार हुआ है। इस मॉडल में बाजार संपर्क भी शामिल है, जिससे किसानों को अपने उत्पाद को क्षेत्रीय खरीदारों तक आसानी से पहुँचाने में मदद मिलती है।
आईसीआर के अधिकारियों का कहना है कि एक्वा विलेज ढाँचा पहाड़ी क्षेत्रों में पुनरावृत्ति किया जा सकता है, जिससे सतत मछली उत्पादन और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा मिलेगा।