📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sanskari
शिक्षा
आईएएस अधिकारी कैलाश वानखेड़े ने इंदौर में नई पुस्तक ‘अंधेरे उजाले’ का विमोचन, साहित्य को मानव संवेदनाओं की कुंजी कहा
✍️ Amar Ujala · Indore
🗓 08 सित. 2026, 09:42 PM
👁 38
आईएएस अधिकारी एवं ऊर्जा विभाग के अपर सचिव कैलाश वानखेड़े ने इंदौर में अपनी नई पुस्तक ‘अंधेरे उजाले’ का विमोचन किया, यह कहा कि साहित्य उन्हें आम आदमी की पीड़ा समझने में मदद करता है।
ऊर्जा विभाग के अपर सचिव पद पर कार्यरत आईएएस अधिकारी कैलाश वानखेड़े ने अपनी नई पुस्तक “अंधेरे उजाले” के विमोचन के लिए इंदौर का सफर किया। इस कार्यक्रम में स्थानीय अधिकारी और साहित्य प्रेमियों ने भाग लेकर इस पहल को सराहा।
वक्तव्य में वानखेड़े ने बताया कि साहित्य उनके प्रशासनिक कर्तव्यों और मानव संवेदनाओं के बीच एक सेतु का काम करता है। उन्होंने कहा कि उनकी रचनाएँ आम लोगों की रोज़मर्रा की कठिनाइयों से प्रेरित हैं, जिससे उनकी पीड़ा को शब्दों में पिरोया जा सके।
“आम आदमी की व्यथा ही मेरी कथा का मूल है,” उन्होंने कहा, यह जोड़ते हुए कि पुस्तक अंधेरे और उजाले के बीच के अंतर को दर्शाती है, जो सामाजिक चुनौतियों को प्रतिबिंबित करता है।
यह कार्यक्रम भारतीय अधिकारियों के बीच लेखन की बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करता है, जहाँ वे अपने अनोखे अनुभवों से सांस्कृतिक और बौद्धिक विमर्श में योगदान दे रहे हैं।
वक्तव्य में वानखेड़े ने बताया कि साहित्य उनके प्रशासनिक कर्तव्यों और मानव संवेदनाओं के बीच एक सेतु का काम करता है। उन्होंने कहा कि उनकी रचनाएँ आम लोगों की रोज़मर्रा की कठिनाइयों से प्रेरित हैं, जिससे उनकी पीड़ा को शब्दों में पिरोया जा सके।
“आम आदमी की व्यथा ही मेरी कथा का मूल है,” उन्होंने कहा, यह जोड़ते हुए कि पुस्तक अंधेरे और उजाले के बीच के अंतर को दर्शाती है, जो सामाजिक चुनौतियों को प्रतिबिंबित करता है।
यह कार्यक्रम भारतीय अधिकारियों के बीच लेखन की बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करता है, जहाँ वे अपने अनोखे अनुभवों से सांस्कृतिक और बौद्धिक विमर्श में योगदान दे रहे हैं।