📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Bollywood Hungama
नौकरी
आईएएस अधिकारी आदित्य सिंह को बालाघाट के नए कलेक्टर नियुक्त
✍️ Amar Ujala · Bhopal
🗓 14 अक्टू. 2026, 01:01 PM
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मध्यप्रदेश सरकार ने 23 आईएएस अधिकारियों के तबादले के बाद आदित्य सिंह को बालाघाट के नए कलेक्टर बनाया है। उनका नाम पहले भी विवादों में रहा, जिसमें बैगा में 32 बच्चों की मौत शामिल है।
भोपाल, 14 अक्टूबर (एएनआई) – मध्यप्रदेश सरकार ने 23 आईएएस अधिकारियों के नए तबादले की घोषणा की, जिसमें आदित्य सिंह को बालाघाट जिले के कलेक्टर नियुक्त किया गया। यह पदस्थापना जिला स्तर पर प्रशासन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से नियमित पुनर्संरचना का हिस्सा है।
आदित्य सिंह का नाम पहले भी मीडिया में आया है, विशेषकर बैगा में 32 बच्चों की मौत की त्रासदी के बाद। आधिकारिक तौर पर उनके स्थानांतरण के कारणों का उल्लेख नहीं किया गया, परन्तु इस विवाद के बाद उनका पुनः नियुक्त होना ध्यान आकर्षित कर रहा है।
बालाघाट, मध्यप्रदेश के दक्षिण‑पूर्वी हिस्से में स्थित एक जिला, कृषि संकट और बुनियादी ढाँचे के विकास जैसे कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। नए कलेक्टर से उम्मीद की जा रही है कि वे चल रहे परियोजनाओं की निगरानी करेंगे और स्थानीय प्रशासनिक मुद्दों का समाधान करेंगे।
राज्य अधिकारियों ने बताया कि यह तबादला मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा निर्धारित किया गया है और तुरंत प्रभावी है। आदित्य सिंह के पूर्व विवादों या बैगा घटना पर कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं की गई।
यह नियुक्ति वरिष्ठ अधिकारियों को विभिन्न जिलों में घुमाने और स्थानीय प्रशासन में नई दृष्टिकोण लाने के सरकार के निरंतर प्रयास को दर्शाती है।
आदित्य सिंह का नाम पहले भी मीडिया में आया है, विशेषकर बैगा में 32 बच्चों की मौत की त्रासदी के बाद। आधिकारिक तौर पर उनके स्थानांतरण के कारणों का उल्लेख नहीं किया गया, परन्तु इस विवाद के बाद उनका पुनः नियुक्त होना ध्यान आकर्षित कर रहा है।
बालाघाट, मध्यप्रदेश के दक्षिण‑पूर्वी हिस्से में स्थित एक जिला, कृषि संकट और बुनियादी ढाँचे के विकास जैसे कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। नए कलेक्टर से उम्मीद की जा रही है कि वे चल रहे परियोजनाओं की निगरानी करेंगे और स्थानीय प्रशासनिक मुद्दों का समाधान करेंगे।
राज्य अधिकारियों ने बताया कि यह तबादला मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा निर्धारित किया गया है और तुरंत प्रभावी है। आदित्य सिंह के पूर्व विवादों या बैगा घटना पर कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं की गई।
यह नियुक्ति वरिष्ठ अधिकारियों को विभिन्न जिलों में घुमाने और स्थानीय प्रशासन में नई दृष्टिकोण लाने के सरकार के निरंतर प्रयास को दर्शाती है।