📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ginevrajocosa88
रक्षा
आईएएफ प्रमुख ने कहा: बदलती तकनीक और आधुनिक युद्ध में अनुकूलन जरूरी
✍️ India Today
🗓 09 अक्टू. 2026, 09:36 PM
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भारतीय वायु सेना के प्रमुख ने कहा कि जीत उन बलों को मिलती है जो नई तकनीक अपनाते हैं और आधुनिक युद्ध के साथ तालमेल बिठाते हैं।
भारतीय वायु सेना के प्रमुख ने बताया कि आज के संघर्षों में जीत इस बात पर निर्भर करती है कि नई तकनीकों को अपनाने में कितनी तेज़ी है। इंडिया टुडे को दी गई अपनी टिप्पणी में उन्होंने चेतावनी दी कि स्थिर सिद्धांतों पर टिके रहना जोखिम भरा है, क्योंकि प्रतिद्वंद्वी उन्नत प्लेटफ़ॉर्म और नेटवर्क‑सेंटरिक रणनीतियों का उपयोग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बिना पायलट वाले हवाई सिस्टम, कृत्रिम‑बुद्धिमत्ता‑आधारित निर्णय‑सहायक उपकरण और अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान जैसे क्षेत्रों में भारतीय वायु सेना तेज़ी से खरीद और स्वदेशी विकास कर रही है। लक्ष्य एक लचीला बल संरचना बनाना है जो विवादित हवाई क्षेत्र और साइबर‑जुड़े युद्धक्षेत्रों में प्रभावी रूप से काम कर सके।
मुख्य ने सभी सशस्त्र बलों को निरंतर सीखने और अनुकूलन की संस्कृति अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीक के साथ विकसित होने की क्षमता ही भविष्य के युद्धों में रणनीतिक लाभ तय करेगी।
उन्होंने कहा कि बिना पायलट वाले हवाई सिस्टम, कृत्रिम‑बुद्धिमत्ता‑आधारित निर्णय‑सहायक उपकरण और अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान जैसे क्षेत्रों में भारतीय वायु सेना तेज़ी से खरीद और स्वदेशी विकास कर रही है। लक्ष्य एक लचीला बल संरचना बनाना है जो विवादित हवाई क्षेत्र और साइबर‑जुड़े युद्धक्षेत्रों में प्रभावी रूप से काम कर सके।
मुख्य ने सभी सशस्त्र बलों को निरंतर सीखने और अनुकूलन की संस्कृति अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीक के साथ विकसित होने की क्षमता ही भविष्य के युद्धों में रणनीतिक लाभ तय करेगी।