📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sumita Roy Dutta
नौकरी
एचपी हाई कोर्ट ने एचपीएसईबीएल को पुनः नियुक्त कामगार को 50% बकाया वेतन और ब्याज देने का आदेश
✍️ Live Law
🗓 15 अक्टू. 2026, 01:31 AM
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हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने एचपीएसईबीएल को पुनः नियुक्त कर्मचारी को 50% बकाया वेतन और ब्याज देने का निर्देश दिया।
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड (HPSEBL) को आदेश दिया है कि वह पुनः नियुक्त किए गए कामगार को बकाया वेतन का 50% तथा उस पर ब्याज का भुगतान करे। यह आदेश वेतन विवाद के बाद जारी किया गया है, जिससे न्यायालय ने श्रमिक अधिकारों की रक्षा पर बल दिया है।
कोर्ट के फैसले के अनुसार, कामगार को पहले कुछ आरोपों के आधार पर बर्खास्त किया गया था, लेकिन बाद में उन आरोपों को निराधार पाया गया और उसे पुनः नियुक्त किया गया। HPSEBL को बकाया वेतन का आधा हिस्सा और कानूनी ब्याज की गणना करके भुगतान करने का निर्देश दिया गया है।
कामगार के कानूनी प्रतिनिधियों ने इस निर्णय का स्वागत किया, यह कहते हुए कि यह सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के उचित व्यवहार के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल स्थापित करता है। HPSEBL को आदेश का पालन करने के लिए एक निश्चित समय सीमा दी गई है, जिसके बाद अतिरिक्त दंड लागू हो सकता है।
यह निर्णय इस बात को रेखांकित करता है कि न्यायपालिका राज्य‑स्वामित्व वाले उद्यमों को उनके कर्मचारियों के प्रति वित्तीय दायित्वों को पूरा करने के लिए सख्त निगरानी में रखेगी।
कोर्ट के फैसले के अनुसार, कामगार को पहले कुछ आरोपों के आधार पर बर्खास्त किया गया था, लेकिन बाद में उन आरोपों को निराधार पाया गया और उसे पुनः नियुक्त किया गया। HPSEBL को बकाया वेतन का आधा हिस्सा और कानूनी ब्याज की गणना करके भुगतान करने का निर्देश दिया गया है।
कामगार के कानूनी प्रतिनिधियों ने इस निर्णय का स्वागत किया, यह कहते हुए कि यह सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के उचित व्यवहार के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल स्थापित करता है। HPSEBL को आदेश का पालन करने के लिए एक निश्चित समय सीमा दी गई है, जिसके बाद अतिरिक्त दंड लागू हो सकता है।
यह निर्णय इस बात को रेखांकित करता है कि न्यायपालिका राज्य‑स्वामित्व वाले उद्यमों को उनके कर्मचारियों के प्रति वित्तीय दायित्वों को पूरा करने के लिए सख्त निगरानी में रखेगी।