📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / HridoyKundu
बिज़नेस
ब्रांड कैसे बनाते हैं बंगाली भावना से भरपूर दुर्गा पूजा अभियान
✍️ Social Samosa
🗓 14 अक्टू. 2026, 07:17 AM
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पश्चिम बंगाल में विज्ञापनदाता पारंपरिक प्रतीकों, स्थानीय भाषा और डिजिटल माध्यमों को मिलाकर दुर्गा पूजा विज्ञापन को सच्ची बंगाली भावना से भर रहे हैं।
पश्चिम बंगाल की विज्ञापन एजेंसियां दुर्गा पूजा अभियानों को क्षेत्रीय सांस्कृतिक भावना के साथ जोड़ने के लिए गहराई से काम कर रही हैं। देवी दुर्गा की मूर्ति, अल्पना डिज़ाइन और बंगाली लोक संगीत जैसे प्रतीकों को शामिल करके ब्रांड्स एक स्पष्ट स्थानीय रंग पेश कर रहे हैं।
प्रचार की शुरुआत पूजा पंडालों के खुलने से पहले के हफ्तों में की जाती है, जिससे त्योहार की उत्सुकता का अधिकतम लाभ उठाया जा सके। डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, विशेषकर क्षेत्रीय सोशल मीडिया, पर छोटे वीडियो और इंटरैक्टिव सामग्री को बुनियादी बंगाली भाषा में चलाया जाता है, जिससे समुदायिक जुड़ाव बढ़ता है।
स्थानीय सितारों और सांस्कृतिक इन्फ्लुएंसर्स को अक्सर उत्पादों के प्रमोशन में शामिल किया जाता है, जिससे विज्ञापन दर्शकों के लिए परिचित चेहरों के माध्यम से और अधिक विश्वसनीय बनते हैं। इस तरह परंपरागत छवियों, भाषा की बारीकियों और आधुनिक तकनीक का मिश्रण भारत के सबसे बड़े त्योहारों में से एक के लिए एक विशिष्ट बंगाली मार्केटिंग मॉडल तैयार कर रहा है।
प्रचार की शुरुआत पूजा पंडालों के खुलने से पहले के हफ्तों में की जाती है, जिससे त्योहार की उत्सुकता का अधिकतम लाभ उठाया जा सके। डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, विशेषकर क्षेत्रीय सोशल मीडिया, पर छोटे वीडियो और इंटरैक्टिव सामग्री को बुनियादी बंगाली भाषा में चलाया जाता है, जिससे समुदायिक जुड़ाव बढ़ता है।
स्थानीय सितारों और सांस्कृतिक इन्फ्लुएंसर्स को अक्सर उत्पादों के प्रमोशन में शामिल किया जाता है, जिससे विज्ञापन दर्शकों के लिए परिचित चेहरों के माध्यम से और अधिक विश्वसनीय बनते हैं। इस तरह परंपरागत छवियों, भाषा की बारीकियों और आधुनिक तकनीक का मिश्रण भारत के सबसे बड़े त्योहारों में से एक के लिए एक विशिष्ट बंगाली मार्केटिंग मॉडल तैयार कर रहा है।