📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Cooperation
राजनीति
गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब सरकार को नशा व्यापार पर जवाबदेही का हवाला
✍️ Amar Ujala · Punjab
🗓 16 अक्टू. 2026, 11:35 AM
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गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब सरकार को नशा व्यापार को लेकर चुनौती दी, सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी, इस पर जवाब मांगा। मंत्रालय जवाब की मांग करेगा।
नई दिल्ली – गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब में बढ़ते नशा व्यापार को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए राज्य सरकार पर तीखा सवाल उठाया। शाह ने यह पूछा कि सुरक्षा सुनिश्चित करने और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने की जिम्मेदारी किसकी है।
यह बयान एक ब्रीफ़िंग के दौरान दिया गया, जहाँ उन्होंने नशे के बढ़ते खतरे और उसके युवाओं व सार्वजनिक सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव को रेखांकित किया। शाह ने कहा कि केंद्र सरकार को राज्य की ओर से एक समन्वित प्रतिक्रिया की अपेक्षा है।
शाह ने संकेत दिया कि गृह मंत्रालय पंजाब प्रशासन से विस्तृत जवाब मांगेगा और एंटी‑ड्रग उपायों के कार्यान्वयन की निगरानी करेगा। जबकि कोई विशिष्ट कदम अभी घोषित नहीं किए गए, यह बयान राज्य के नशा मुद्दे के प्रबंधन पर संघीय स्तर की बढ़ती जांच को दर्शाता है।
पंजाब सरकार ने अभी तक शाह के टिप्पणी पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा केंद्र‑राज्य संबंधों में बार‑बार उभरता रहा है, जहाँ कानून प्रवर्तन एजेंसियों पर परिणाम देने का दबाव है।
यह विकास भारत में नशा नियंत्रण नीतियों और अंतर‑सरकारी सहयोग पर चल रहे बहसों में राजनीतिक महत्व जोड़ता है।
यह बयान एक ब्रीफ़िंग के दौरान दिया गया, जहाँ उन्होंने नशे के बढ़ते खतरे और उसके युवाओं व सार्वजनिक सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव को रेखांकित किया। शाह ने कहा कि केंद्र सरकार को राज्य की ओर से एक समन्वित प्रतिक्रिया की अपेक्षा है।
शाह ने संकेत दिया कि गृह मंत्रालय पंजाब प्रशासन से विस्तृत जवाब मांगेगा और एंटी‑ड्रग उपायों के कार्यान्वयन की निगरानी करेगा। जबकि कोई विशिष्ट कदम अभी घोषित नहीं किए गए, यह बयान राज्य के नशा मुद्दे के प्रबंधन पर संघीय स्तर की बढ़ती जांच को दर्शाता है।
पंजाब सरकार ने अभी तक शाह के टिप्पणी पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा केंद्र‑राज्य संबंधों में बार‑बार उभरता रहा है, जहाँ कानून प्रवर्तन एजेंसियों पर परिणाम देने का दबाव है।
यह विकास भारत में नशा नियंत्रण नीतियों और अंतर‑सरकारी सहयोग पर चल रहे बहसों में राजनीतिक महत्व जोड़ता है।