📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Swapniliscreative
बिज़नेस
हिंदुस्तान पावर ने उत्तर प्रदेश के सोलर प्रोजेक्ट के लिए 1,135 करोड़ रुपये की फंडिंग सुनिश्चित की
✍️ Business Standard
🗓 20 अग. 2026, 07:38 PM
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हिंदुस्तान पावर ने बताया कि उसने उत्तर प्रदेश में सोलर ऊर्जा परियोजना के लिए 1,135 करोड़ रुपये की फंडिंग सुरक्षित कर ली है।
हिंदुस्तान पावर, एक प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा विकासकर्ता, ने कहा कि उसने उत्तर प्रदेश में एक नए सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट के लिए लगभग 1,135 करोड़ रुपये की फंडिंग व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया है। यह फंडिंग बैंकों और संस्थागत निवेशकों के एक समूह से प्राप्त हुई है और इसे भूमि अधिग्रहण, फोटोवोल्टाइक पैनलों की स्थापना तथा प्लांट को राज्य ग्रिड से जोड़ने में उपयोग किया जाएगा।
इस परियोजना से प्रदेश में कई सौ मेगावॉट की स्वच्छ बिजली जोड़ने की उम्मीद है, जो राज्य और राष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को साकार करने में मदद करेगी। हिंदुस्तान पावर ने बताया कि निर्माण इस वर्ष के बाद शुरू होगा और व्यावसायिक संचालन अगले 18‑24 महीनों के भीतर शुरू होने की संभावना है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बड़े पैमाने का निवेश उत्तर प्रदेश की सौर संभावनाओं में विश्वास दर्शाता है, क्योंकि इस राज्य में उच्च सौर विकिरण और अनुकूल नीतियां मौजूद हैं। कंपनी ने प्लांट की सटीक क्षमता का खुलासा नहीं किया, पर फंडिंग की मात्रा से यह एक बड़े उपयोगिता‑स्तर की परियोजना का संकेत देती है।
यह घोषणा भारत के 2030 तक 450 गीगावॉट नवीकरणीय क्षमता लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, और उत्तर प्रदेश को सौर ऊर्जा के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की योजना के साथ मेल खाती है। हिंदुस्तान पावर का कदम जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने और जलवायु प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के व्यापक प्रयासों के अनुरूप है।
परियोजना के समय‑सारिणी, साझेदारियों और अपेक्षित उत्पादन के बारे में आगे की जानकारी विकास के आगे बढ़ने पर साझा की जाएगी।
इस परियोजना से प्रदेश में कई सौ मेगावॉट की स्वच्छ बिजली जोड़ने की उम्मीद है, जो राज्य और राष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को साकार करने में मदद करेगी। हिंदुस्तान पावर ने बताया कि निर्माण इस वर्ष के बाद शुरू होगा और व्यावसायिक संचालन अगले 18‑24 महीनों के भीतर शुरू होने की संभावना है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बड़े पैमाने का निवेश उत्तर प्रदेश की सौर संभावनाओं में विश्वास दर्शाता है, क्योंकि इस राज्य में उच्च सौर विकिरण और अनुकूल नीतियां मौजूद हैं। कंपनी ने प्लांट की सटीक क्षमता का खुलासा नहीं किया, पर फंडिंग की मात्रा से यह एक बड़े उपयोगिता‑स्तर की परियोजना का संकेत देती है।
यह घोषणा भारत के 2030 तक 450 गीगावॉट नवीकरणीय क्षमता लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, और उत्तर प्रदेश को सौर ऊर्जा के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की योजना के साथ मेल खाती है। हिंदुस्तान पावर का कदम जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने और जलवायु प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के व्यापक प्रयासों के अनुरूप है।
परियोजना के समय‑सारिणी, साझेदारियों और अपेक्षित उत्पादन के बारे में आगे की जानकारी विकास के आगे बढ़ने पर साझा की जाएगी।