📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sumita Roy Dutta
देश
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने 6‑दिन के विवाह में पत्नी की 40,000 रुपये रखरखाव की मांग खारिज की
✍️ indianexpress.com
🗓 07 सित. 2026, 01:03 PM
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हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने पत्नी की 40,000 रुपये रखरखाव की मांग को खारिज कर दिया, क्योंकि विवाहित जोड़े की शादी केवल छह दिन की थी और दोनों की आय समान थी।
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने शुक्रवार को एक महिला द्वारा दायर रखरखाव याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें वह अपने पति से मासिक 40,000 रुपये की मांग कर रही थी। यह याचिका एक ऐसे विवाह से उत्पन्न हुई थी जो केवल छह दिन ही चला और फिर दोनों अलग हो गए।
कोर्ट ने कहा कि इतनी छोटी अवधि के विवाह में आर्थिक निर्भरता स्थापित नहीं हो पाई, और दोनों पक्षों की आय समान थी। इसलिए याचिका में मांगी गई रखरखाव राशि को देने का कोई वैधानिक आधार नहीं मिला।
कानून विशेषज्ञों ने बताया कि भारतीय वैवाहिक कानून में रखरखाव के लिए निरंतर आर्थिक आवश्यकता और लंबी वैवाहिक अवधि का प्रमाण आवश्यक है। यह फैसला छोटे‑समय के विवाह में रखरखाव के दावों पर न्यायालय के सख्त रुख को दर्शाता है।
भविष्य में समान परिस्थितियों वाले मामलों में यह निर्णय एक मिसाल बन सकता है, जहाँ जोड़े के बीच सीमित सहवास और समान आय हो। अभी तक इस निर्णय के खिलाफ कोई अपील दर्ज नहीं हुई है।
कोर्ट ने कहा कि इतनी छोटी अवधि के विवाह में आर्थिक निर्भरता स्थापित नहीं हो पाई, और दोनों पक्षों की आय समान थी। इसलिए याचिका में मांगी गई रखरखाव राशि को देने का कोई वैधानिक आधार नहीं मिला।
कानून विशेषज्ञों ने बताया कि भारतीय वैवाहिक कानून में रखरखाव के लिए निरंतर आर्थिक आवश्यकता और लंबी वैवाहिक अवधि का प्रमाण आवश्यक है। यह फैसला छोटे‑समय के विवाह में रखरखाव के दावों पर न्यायालय के सख्त रुख को दर्शाता है।
भविष्य में समान परिस्थितियों वाले मामलों में यह निर्णय एक मिसाल बन सकता है, जहाँ जोड़े के बीच सीमित सहवास और समान आय हो। अभी तक इस निर्णय के खिलाफ कोई अपील दर्ज नहीं हुई है।