📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / UnpetitproleX
राजनीति
हिमाचल प्रदेश सरकार ने कैश वैन व फ़ूड ऑन व्हील्स पर वार्षिक कर प्रस्तावित किया
✍️ The News Himachal
🗓 14 अक्टू. 2026, 05:32 AM
👁 11
हिमाचल प्रदेश की कैबिनेट ने कैश वैन और मोबाइल फ़ूड वेंडर पर वार्षिक कर लगाने का प्रस्ताव रखा, जिससे राज्य की आय बढ़ाने की उम्मीद है।
हिमाचल प्रदेश की कैबिनेट ने एक मसौदा विधेयक को मंजूरी दी है, जिसमें कैश‑इन‑ट्रांजिट वैन और “फ़ूड ऑन व्हील्स” के रूप में कार्य करने वाले मोबाइल भोजन वाहनों पर वार्षिक कर लगाया जाएगा। यह कदम राज्य की आय में वृद्धि और विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त निधि जुटाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
प्रस्ताव के अनुसार, प्रत्येक कैश‑वैन को एक निश्चित वार्षिक राशि देनी होगी, जबकि मोबाइल फ़ूड विक्रेताओं को उनके वाहन के आकार और संचालन की आवृत्ति के आधार पर शुल्क लगाया जाएगा। अधिकारियों का अनुमान है कि इस कर से पहली वित्तीय वर्ष में राज्य को कई करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हो सकती है।
राज्य के अधिकारी बताते हैं कि यह कर मौजूदा परिवहन विभाग के माध्यम से वसूला जाएगा और दरों की घोषणा सार्वजनिक परामर्श के बाद की जाएगी। विपक्षी दलों ने छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ का हवाला देते हुए चिंता जताई है, पर सरकार का कहना है कि यह उपाय बुनियादी ढाँचा और सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए आवश्यक है।
यदि विधेयक पारित हो जाता है, तो यह अगले वित्तीय वर्ष की शुरुआत से लागू होगा, और अनुपालन की निगरानी परिवहन तथा वित्त विभाग करेंगे।
प्रस्ताव के अनुसार, प्रत्येक कैश‑वैन को एक निश्चित वार्षिक राशि देनी होगी, जबकि मोबाइल फ़ूड विक्रेताओं को उनके वाहन के आकार और संचालन की आवृत्ति के आधार पर शुल्क लगाया जाएगा। अधिकारियों का अनुमान है कि इस कर से पहली वित्तीय वर्ष में राज्य को कई करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय हो सकती है।
राज्य के अधिकारी बताते हैं कि यह कर मौजूदा परिवहन विभाग के माध्यम से वसूला जाएगा और दरों की घोषणा सार्वजनिक परामर्श के बाद की जाएगी। विपक्षी दलों ने छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ का हवाला देते हुए चिंता जताई है, पर सरकार का कहना है कि यह उपाय बुनियादी ढाँचा और सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए आवश्यक है।
यदि विधेयक पारित हो जाता है, तो यह अगले वित्तीय वर्ष की शुरुआत से लागू होगा, और अनुपालन की निगरानी परिवहन तथा वित्त विभाग करेंगे।