📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Finance, Government of India
बिज़नेस
हिमाचल प्रदेश ने वित्तीय स्थिरता के लिए पूर्ण जीएसटी मुआवजा मांगा
✍️ Hindustan Times
🗓 09 अक्टू. 2026, 12:02 PM
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हालिया जीएसटी परिषद बैठक में हिमाचल प्रदेश सरकार ने राजस्व हानि के लिए पूर्ण मुआवजा देने की मांग की, यह राज्य की वित्तीय स्थिरता के लिए आवश्यक बताया।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने हालिया जीएसटी परिषद बैठक में एक औपचारिक अनुरोध रखा, जिसमें वह जीएसटी प्रणाली के कारण हुए कर राजस्व घाटे के लिए पूर्ण मुआवजा चाहता है। अधिकारियों ने कहा कि यह मुआवजा वित्तीय संतुलन बनाए रखने और विकास कार्यों को बिना दबाव के जारी रखने के लिये आवश्यक है।
जीएसटी परिषद में केंद्रीय वित्त मंत्री और राज्य वित्त मंत्रियों का समावेश है, जो कर दरों, छूटों और मुआवजा तंत्र पर चर्चा करती है। हिमाचल प्रदेश की मांग छोटे राज्यों की चिंताओं को उजागर करती है, जो जीएसटी लागू होने के बाद केंद्रीय मुआवजे पर काफी निर्भर हैं।
परिषद ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की, लेकिन राज्य की पूर्ण मुआवजे की मांग को तुरंत कोई समाधान नहीं मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका परिणाम केंद्र के साथ बातचीत और परिषद द्वारा तय किए गए समग्र मुआवजा ढांचे पर निर्भर करेगा।
यह अनुरोध हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिससे एकीकृत कर प्रणाली के संक्रमण के दौरान बजटीय दबावों से बचा जा सके और सार्वजनिक सेवाओं व बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर असर न पड़े।
जीएसटी परिषद में केंद्रीय वित्त मंत्री और राज्य वित्त मंत्रियों का समावेश है, जो कर दरों, छूटों और मुआवजा तंत्र पर चर्चा करती है। हिमाचल प्रदेश की मांग छोटे राज्यों की चिंताओं को उजागर करती है, जो जीएसटी लागू होने के बाद केंद्रीय मुआवजे पर काफी निर्भर हैं।
परिषद ने विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की, लेकिन राज्य की पूर्ण मुआवजे की मांग को तुरंत कोई समाधान नहीं मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका परिणाम केंद्र के साथ बातचीत और परिषद द्वारा तय किए गए समग्र मुआवजा ढांचे पर निर्भर करेगा।
यह अनुरोध हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है, जिससे एकीकृत कर प्रणाली के संक्रमण के दौरान बजटीय दबावों से बचा जा सके और सार्वजनिक सेवाओं व बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर असर न पड़े।