📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Gitu thakur 2
स्थानीय
हिमाचल हाई कोर्ट ने सेराज में 55 वन‑सड़क उल्लंघन पाए, निर्माण व टारिंग पर रोक
✍️ Himachal Scape
🗓 13 अक्टू. 2026, 10:16 AM
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हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने सेराज में 55 वन‑सड़क उल्लंघन पाए और चल रहे निर्माण व टारिंग कार्यों पर तुरंत रोक लगाई।
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने शिमला में सुनवाई के दौरान मंडी जिले के सेराज क्षेत्र में वन‑सड़क कार्यों में अनियमितताओं को उजागर करने वाले याचिका पर विस्तृत आदेश जारी किया। कोर्ट ने 55 अलग‑अलग उल्लंघनों की सूची दी, जिसमें वन पथों का अनधिकृत विस्तार और बिना अनुमति के भारी मशीनरी का उपयोग शामिल है।
निर्णय में कहा गया कि इन उल्लंघनों से क्षेत्र की पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ रहा है, स्थानीय वनस्पति को नुकसान पहुंच रहा है और मानसून के दौरान भू-स्खलन का जोखिम बढ़ रहा है। कोर्ट ने बताया कि चल रहे टारिंग और निर्माण कार्य पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन और वन विभाग की मंजूरी के बिना किए जा रहे थे।
इसके बाद कोर्ट ने जिला प्रशासन को सभी निर्माण और टारिंग कार्य तुरंत रोकने, अवैध संरचनाओं को हटाने और प्रभावित वन‑सड़क हिस्सों को मूल स्थिति में बहाल करने का निर्देश दिया। 30 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया, जिसके बाद आगे की कार्यवाही तय की जाएगी।
निर्णय में कहा गया कि इन उल्लंघनों से क्षेत्र की पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ रहा है, स्थानीय वनस्पति को नुकसान पहुंच रहा है और मानसून के दौरान भू-स्खलन का जोखिम बढ़ रहा है। कोर्ट ने बताया कि चल रहे टारिंग और निर्माण कार्य पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन और वन विभाग की मंजूरी के बिना किए जा रहे थे।
इसके बाद कोर्ट ने जिला प्रशासन को सभी निर्माण और टारिंग कार्य तुरंत रोकने, अवैध संरचनाओं को हटाने और प्रभावित वन‑सड़क हिस्सों को मूल स्थिति में बहाल करने का निर्देश दिया। 30 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया, जिसके बाद आगे की कार्यवाही तय की जाएगी।