📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ashish itct
स्थानीय
हाई कोर्ट ने झारखंड के ग्रामीणों के ओवरब्रिज मांग को खारिज किया, 4 महीने का समय दिया
✍️ NewsX
🗓 22 अक्टू. 2026, 08:04 AM
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हाई कोर्ट ने झारखंड के ग्रामीणों की ओवरब्रिज मांग को खारिज कर दिया, पर रेलवे अधिकारियों को वैकल्पिक समाधान सुझाने के लिए चार महीने का समय दिया।
झारखंड के रांची स्थित हाई कोर्ट ने ग्रामीणों द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें रेलवे के एक व्यस्त चौराहे पर ओवरब्रिज बनाने की मांग की गई थी। याचिका में अक्सर होने वाली दुर्घटनाओं और यातायात जाम को मुख्य कारण बताया गया था।
न्यायालय ने निर्णय में कहा कि याचिका में तत्काल खतरे का पर्याप्त प्रमाण नहीं दिया गया और रेलवे ने पहले ही चेतावनी संकेत और गति सीमा जैसी सुरक्षा उपाय लागू कर लिए हैं।
फिर भी, न्यायालय ने रेलवे अधिकारियों को चार महीने के भीतर एक विस्तृत योजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया, ताकि ग्रामीणों द्वारा उठाए गए सुरक्षा चिंताओं का समाधान किया जा सके। अधिकारियों को स्थानीय समुदाय को किसी भी प्रस्तावित कदम के बारे में सूचित रखने के लिए भी कहा गया।
यह निर्णय चौराहे पर कई दुर्घटनाओं के बाद आया है, और स्थानीय नेताओं ने ओवरब्रिज निर्माण को तेज़ करने के लिए राज्य सरकार से अपील की है।
न्यायालय ने निर्णय में कहा कि याचिका में तत्काल खतरे का पर्याप्त प्रमाण नहीं दिया गया और रेलवे ने पहले ही चेतावनी संकेत और गति सीमा जैसी सुरक्षा उपाय लागू कर लिए हैं।
फिर भी, न्यायालय ने रेलवे अधिकारियों को चार महीने के भीतर एक विस्तृत योजना प्रस्तुत करने का निर्देश दिया, ताकि ग्रामीणों द्वारा उठाए गए सुरक्षा चिंताओं का समाधान किया जा सके। अधिकारियों को स्थानीय समुदाय को किसी भी प्रस्तावित कदम के बारे में सूचित रखने के लिए भी कहा गया।
यह निर्णय चौराहे पर कई दुर्घटनाओं के बाद आया है, और स्थानीय नेताओं ने ओवरब्रिज निर्माण को तेज़ करने के लिए राज्य सरकार से अपील की है।