🔥 ट्रेंडिंग इम्रान खान ने FRRO के भारत छोड़ने के आ... रित्विक भौमिक और रोहिणी हट्टांगड़ी के... मोना सिंह ने खुलासा किया: 'मुंज्या' के... उत्तर बंगाल का विद्यालय 75 वर्ष पूरा,... वेस्ट बंगाल ने जारी किया NEET PG 2026... प्रकाश टोयोटा ने सिलिगुरी में नई डीलरश...
16 अक्टू. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
हाई कोर्ट ने SJVNL से लुहरी जलविद्युत परियोजना पर भूमि क्षतिपूर्ति तीन महीनों में चुकाने का आदेश दिया
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Power
राजनीति

हाई कोर्ट ने SJVNL से लुहरी जलविद्युत परियोजना पर भूमि क्षतिपूर्ति तीन महीनों में चुकाने का आदेश दिया

✍️ Himachal Scape 🗓 16 अक्टू. 2026, 04:37 AM 👁 18
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

हिमाचल प्रदेश के उच्च न्यायालय ने सिज़्म जाल विद्युत निगम लिमिटेड (SJVNL) को लुहरी जलविद्युत परियोजना के लिए अधिग्रहीत भूमि पर क्षतिपूर्ति तीन महीनों के भीतर चुकाने का आदेश दिया।

हिमाचल प्रदेश के उच्च न्यायालय ने हाल ही में सिज़्म जाल विद्युत निगम लिमिटेड (SJVNL) को लुहरी जलविद्युत परियोजना के लिए अधिग्रहीत भूमि पर क्षतिपूर्ति चुकाने का आदेश दिया है। न्यायालय ने कंपनी को तीन महीने के भीतर सोलाटियम (क्षतिपूर्ति) देने का निर्देश दिया।

यह निर्णय लुहरी परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण पर उठे विवाद के बाद आया है, जो राज्य की नवीकरणीय ऊर्जा रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। न्यायालय के फैसले से प्रभावित भूमि मालिकों को समय पर मुआवजा देने की आवश्यकता पर बल दिया गया है।

SJVNL, जो कि एक राज्य‑चालित उपयोगिता कंपनी है, से अपेक्षा की जा रही है कि वह आदेश का पालन करते हुए जल्द ही भुगतान प्रक्रिया शुरू करेगी। यह निर्णय क्षेत्र में इसी तरह के भूमि‑अधिग्रहण मामलों के लिए एक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।

लुहरी जलविद्युत परियोजना, किन्नौर जिले में स्थित, राज्य के लिए स्वच्छ ऊर्जा उत्पन्न करने का लक्ष्य रखती है। न्यायालय का हस्तक्षेप परियोजना की प्रगति को तेज करने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों के साथ न्यायसंगत व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण माना गया है।
📲Get App