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उच्च न्यायालय ने हिरासत में पीटना और महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न को अपराध बताया, पुलिस का कर्तव्य नहीं
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Thennicke
अपराध

उच्च न्यायालय ने हिरासत में पीटना और महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न को अपराध बताया, पुलिस का कर्तव्य नहीं

✍️ timesofindia.indiatimes.com 🗓 12 सित. 2026, 06:15 AM 👁 46
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उच्च न्यायालय ने कहा कि हिरासत में महिलाओं को पीटना और उनका यौन उत्पीड़न आपराधिक कृत्य है और इसे पुलिस का कर्तव्य नहीं माना जा सकता।

उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि हिरासत में महिलाओं को पीटना या उनका यौन उत्पीड़न करना एक आपराधिक कृत्य है और यह पुलिस के वैध कर्तव्यों के दायरे में नहीं आता। फैसले पर जोर दिया गया है कि कानून प्रवर्तन कर्मियों को कानूनी मानकों का पालन करना चाहिए और वे हिंसा या यौन शोषण को कर्तव्य के नाम पर सही नहीं ठहरा सकते। न्यायपालिका की ऐसी टिप्पणियाँ पुलिस अधिकारियों को हिरासत में लिए गए व्यक्तियों, विशेषकर महिलाओं के प्रति जवाबदेही की याद दिलाती हैं।
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