📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Imakanksha
मौसम
भारी बारिश ने जटाशंकर धाम को बना दिया जलप्रपात जैसा
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 04 सित. 2026, 12:17 PM
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छतरपुर में दो दिन की तीव्र बारिश ने जटाशंकर धाम के तीन पहाड़ों से तेज़ जलधाराएँ नीचे गिरा दीं, जिससे शिवलिंग को प्राकृतिक जलाभिषेक मिला।
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में दो लगातार दिनों की तीव्र बारिश ने प्रसिद्ध जटाशंकर धाम की रूप‑रंग बदल दी। तीन पहाड़ियों से तेज़ जलधाराएँ नीचे उतरकर मंदिर के परिसर में बहने लगीं।
गोमुख से निकलती ये धारा चट्टानों को पार कर शिवलिंग के सामने तक पहुँची, जिससे बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के प्राकृतिक जलाभिषेक हुआ।
स्थल के दर्शकों ने इसे हिल‑स्टेशन जैसा दृश्य बताया, जहाँ धुंध और गर्जन वाली नदियों ने पवित्र स्थल को घेर रखा था। स्थानीय प्राधिकरणों ने बताया कि इस दौरान कोई क्षति नहीं हुई और यह घटना प्राकृतिक सौंदर्य को धार्मिक महत्व के साथ उजागर करती है।
यह दुर्लभ दृश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है, जो प्रकृति और पूजा के इस अनोखे मिलन को देख रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि मानसून के घटने पर जलस्तर घटेगा, पर इस अद्भुत नज़रिए की याद भक्तों के मन में बनी रहेगी।
गोमुख से निकलती ये धारा चट्टानों को पार कर शिवलिंग के सामने तक पहुँची, जिससे बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के प्राकृतिक जलाभिषेक हुआ।
स्थल के दर्शकों ने इसे हिल‑स्टेशन जैसा दृश्य बताया, जहाँ धुंध और गर्जन वाली नदियों ने पवित्र स्थल को घेर रखा था। स्थानीय प्राधिकरणों ने बताया कि इस दौरान कोई क्षति नहीं हुई और यह घटना प्राकृतिक सौंदर्य को धार्मिक महत्व के साथ उजागर करती है।
यह दुर्लभ दृश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है, जो प्रकृति और पूजा के इस अनोखे मिलन को देख रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि मानसून के घटने पर जलस्तर घटेगा, पर इस अद्भुत नज़रिए की याद भक्तों के मन में बनी रहेगी।