📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Hume, Allan Octavian, 1829-1912
बिज़नेस
हावास क्रिएटिव इंडिया ने शायक दादी रॉय के साथ JBL सिनेमा बार 1300MK2 फ़िल्म के लिए साझेदारी की
✍️ Passionate In Marketing
🗓 19 अग. 2026, 05:37 AM
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हावास क्रिएटिव इंडिया ने शायक दादी रॉय के साथ मिलकर JBL के नए सिनेमा बार 1300MK2 स्पीकर की प्रोमोशनल फ़िल्म बनायी है।
हावास क्रिएटिव इंडिया, भारत की प्रमुख विज्ञापन एजेंसियों में से एक, ने स्वतंत्र फ़िल्म निर्माता शायक दादी रॉय के साथ नई साझेदारी की घोषणा की है। इस सहयोग का उद्देश्य JBL के हाल ही में लॉन्च किए गए सिनेमा बार 1300MK2 स्पीकर को उजागर करने वाली एक छोटी सिनेमाई फ़िल्म बनाना है।
फ़िल्म में दृश्य कहानी को स्पीकर की उच्च‑गुणवत्ता वाली ध्वनि क्षमताओं के साथ मिलाया जाएगा, जिससे इसे घर में मनोरंजन के लिए प्रीमियम विकल्प के रूप में स्थापित किया जा सके। दोनों पक्ष डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और पारंपरिक मीडिया के माध्यम से भारतीय दर्शकों तक पहुंचने की योजना बना रहे हैं।
यह घोषणा मार्केटिंग पोर्टल Passionate In Marketing पर प्रकाशित हुई, जिसमें बताया गया कि फ़िल्म स्पीकर की इमर्सिव साउंडस्टेज और स्टाइलिश डिज़ाइन पर प्रकाश डालेगी। उद्योग विशेषज्ञ इस साझेदारी को JBL की प्रतिस्पर्धी ऑडियो बाजार में दृश्यता बढ़ाने के एक रणनीतिक कदम के रूप में देख रहे हैं।
सफल होने पर यह अभियान भारत में ब्रांड‑फ़िल्म सहयोगों के लिए एक मानक स्थापित कर सकता है, यह दर्शाते हुए कि रचनात्मक एजेंसियां और फ़िल्म निर्माताओं मिलकर उत्पाद कथा को कैसे ऊँचा उठा सकते हैं।
फ़िल्म में दृश्य कहानी को स्पीकर की उच्च‑गुणवत्ता वाली ध्वनि क्षमताओं के साथ मिलाया जाएगा, जिससे इसे घर में मनोरंजन के लिए प्रीमियम विकल्प के रूप में स्थापित किया जा सके। दोनों पक्ष डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और पारंपरिक मीडिया के माध्यम से भारतीय दर्शकों तक पहुंचने की योजना बना रहे हैं।
यह घोषणा मार्केटिंग पोर्टल Passionate In Marketing पर प्रकाशित हुई, जिसमें बताया गया कि फ़िल्म स्पीकर की इमर्सिव साउंडस्टेज और स्टाइलिश डिज़ाइन पर प्रकाश डालेगी। उद्योग विशेषज्ञ इस साझेदारी को JBL की प्रतिस्पर्धी ऑडियो बाजार में दृश्यता बढ़ाने के एक रणनीतिक कदम के रूप में देख रहे हैं।
सफल होने पर यह अभियान भारत में ब्रांड‑फ़िल्म सहयोगों के लिए एक मानक स्थापित कर सकता है, यह दर्शाते हुए कि रचनात्मक एजेंसियां और फ़िल्म निर्माताओं मिलकर उत्पाद कथा को कैसे ऊँचा उठा सकते हैं।