Crime
हाथरस: VDO नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का एक और सदस्य गिरफ्तार, 25 हजार का इनामी गजेन्द्र धराया
हाथरस पुलिस ने VDO की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के एक और सदस्य गजेन्द्र कुमार को गिरफ्तार किया है। गजेन्द्र पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इस मामले में दो अन्य अभियुक्तों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है।
हाथरस जनपद में VDO की नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के एक और सदस्य को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी तब हुई जब पुलिस अधीक्षक हाथरस द्वारा फरार चल रहे अभियुक्तों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत एसओजी टीम और थाना सादाबाद पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की। गिरफ्तार अभियुक्त गजेन्द्र कुमार पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित था।
मामला वर्ष 2018 का है जब वादी श्री धर्मेन्द्र सिंह और उनके चार साथियों ने VDO परीक्षा का फार्म भरा था। अभियुक्तों ने खुद को सचिवालय एवं उत्तर प्रदेश सहायक विकास अधिकारी का चेयरमैन और स्टेनोग्राफर बताते हुए परीक्षा से पहले प्रति व्यक्ति 20 लाख रुपये सिक्योरिटी के रूप में जमा कराए थे। पांचों ने पैसे जमा कर दिए थे। परीक्षा के बाद जब उन्होंने पैसे वापस मांगे तो 5 जनवरी 2024 को धर्मेन्द्र कुमार को एक फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया गया, जो जांच में कूटरचित पाया गया। वादी की तहरीर पर थाना सादाबाद में मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
इस मामले में पुलिस पहले ही दो अभियुक्तों, मनोज कुमार और ज्वाला प्रसाद को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अभियुक्त गजेन्द्र कुमार के फरार होने पर पुलिस अधीक्षक हाथरस श्री चिरंजीव नाथ सिन्हा ने उस पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया था। इनाम घोषित होने के बाद पुलिस की 7 टीमों का गठन किया गया था जो लगातार गजेन्द्र की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही थीं।
आज दिनांक 12 अक्टूबर 2026 को एसओजी टीम और थाना सादाबाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम बरोस के पास (सादाबाद मार्ग) से अभियुक्त गजेन्द्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया। थाना सादाबाद पुलिस द्वारा गिरफ्तार अभियुक्त के संबंध में आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।
मामला वर्ष 2018 का है जब वादी श्री धर्मेन्द्र सिंह और उनके चार साथियों ने VDO परीक्षा का फार्म भरा था। अभियुक्तों ने खुद को सचिवालय एवं उत्तर प्रदेश सहायक विकास अधिकारी का चेयरमैन और स्टेनोग्राफर बताते हुए परीक्षा से पहले प्रति व्यक्ति 20 लाख रुपये सिक्योरिटी के रूप में जमा कराए थे। पांचों ने पैसे जमा कर दिए थे। परीक्षा के बाद जब उन्होंने पैसे वापस मांगे तो 5 जनवरी 2024 को धर्मेन्द्र कुमार को एक फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया गया, जो जांच में कूटरचित पाया गया। वादी की तहरीर पर थाना सादाबाद में मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
इस मामले में पुलिस पहले ही दो अभियुक्तों, मनोज कुमार और ज्वाला प्रसाद को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अभियुक्त गजेन्द्र कुमार के फरार होने पर पुलिस अधीक्षक हाथरस श्री चिरंजीव नाथ सिन्हा ने उस पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया था। इनाम घोषित होने के बाद पुलिस की 7 टीमों का गठन किया गया था जो लगातार गजेन्द्र की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही थीं।
आज दिनांक 12 अक्टूबर 2026 को एसओजी टीम और थाना सादाबाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम बरोस के पास (सादाबाद मार्ग) से अभियुक्त गजेन्द्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया। थाना सादाबाद पुलिस द्वारा गिरफ्तार अभियुक्त के संबंध में आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।