धर्म
हैदरगढ़ में भागवत कथा से पूर्व निकाली कलश याद्याः सैंकड़ो लोग हुवे शामिल, साथ दिवसीय कथा का शुभारंभ
हैदरगढ़ में भागवत कथा से पूर्व निकाली कलश याद्याः सैंकड़ो लोग हुवे शामिल, साथ दिवसीय कथा का शुभारंभ
बाराबंकी के हैदरगढ़ स्थित ब्रहनान मोहल्ले में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ शुरू हुआ। पहले दिन बारिश के बीच महिलाओं और स्थानीय लोगों ने ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजे के साथ कलश यात्रा निकाली।
कथा स्थल पर पूजन के बाद यात्रा शुरू हुई। पीले और लाल कपड़े पहने महिलाएं सिर पर पानी से भरे कलश लेकर चलीं। रास्ते में 'जय श्री कृष्णा', 'राधे-राधे' और 'हर-हर महादेव' के जयकारे लगाए गए।
सैकड़ों लोग रायबरेली रोड स्थित इंडियन बैंक से औसानेश्वर मोड़ तक पैदल चले। बारिश के बावजूद यात्रा जारी रही। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर वैदिक मंत्रों के साथ कलश स्थापित किए गए।
कथा वाचक पंडित अजय शास्त्री महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा का महत्व बताया। उन्होंने कहा, "भागवत कथा मानव जीवन को सही दिशा दिखाने वाली कल्याणकारी धारा है। इसके श्रवण मात्र से मन की शुद्धि होती है और जीवन के कष्टों का निवारण होता है।"
आयोजक शैलेन्द्र तिवारी के मुताबिक, कथा में भगवान श्रीकृष्ण के बाल-चरित्र, गोवर्धन लीला, कंस वध और रुक्मिणी विवाह के प्रसंग सुनाए जाएंगे। 6 नवंबर 2026 को पूर्णाहुति के बाद भंडारा होगा।
कथा स्थल पर पूजन के बाद यात्रा शुरू हुई। पीले और लाल कपड़े पहने महिलाएं सिर पर पानी से भरे कलश लेकर चलीं। रास्ते में 'जय श्री कृष्णा', 'राधे-राधे' और 'हर-हर महादेव' के जयकारे लगाए गए।
सैकड़ों लोग रायबरेली रोड स्थित इंडियन बैंक से औसानेश्वर मोड़ तक पैदल चले। बारिश के बावजूद यात्रा जारी रही। इसके बाद कार्यक्रम स्थल पर वैदिक मंत्रों के साथ कलश स्थापित किए गए।
कथा वाचक पंडित अजय शास्त्री महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा का महत्व बताया। उन्होंने कहा, "भागवत कथा मानव जीवन को सही दिशा दिखाने वाली कल्याणकारी धारा है। इसके श्रवण मात्र से मन की शुद्धि होती है और जीवन के कष्टों का निवारण होता है।"
आयोजक शैलेन्द्र तिवारी के मुताबिक, कथा में भगवान श्रीकृष्ण के बाल-चरित्र, गोवर्धन लीला, कंस वध और रुक्मिणी विवाह के प्रसंग सुनाए जाएंगे। 6 नवंबर 2026 को पूर्णाहुति के बाद भंडारा होगा।