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हथगाम में भूमि विवाद: एक वर्ष बाद भी न्याय न मिलने पर पीड़ित ने राजस्व विभाग पर आरोप लगाया
फतेहपुर के हथगाम थाना के पलिया बुजुर्ग गांव में एक वर्ष से चल रहे भूमि विवाद में पीड़ित ने राजस्व विभाग एवं अधिकारियों पर कब्जे के प्रयास और धमकी का आरोप लगाया।
फतेहपुर के हथगाम थाना के अंतर्गत पलिया बुजुर्ग गांव में एक भूमि विवाद पर एक वर्ष से अधिक समय से न्याय की प्रतीक्षा चल रही है। पीड़ित का दावा है कि विवादित भूमि पर विपक्षी पक्ष द्वारा कब्जे के प्रयास किए जा रहे हैं, जबकि मामला अभी भी न्यायालय में विचाराधीन है।
पीड़ित ने राजस्व विभाग और संबंधित अधिकारियों के कार्यालयों में लिखित शिकायतें कई बार दायर की हैं, परंतु अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि राजस्व अभिलेखों और भूमि हस्तांतरण दस्तावेजों की जाँच अभी भी लंबित है।
न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद, विपक्षी पक्ष द्वारा कथित तौर पर भूमि पर कब्जा करने के प्रयास और पीड़ित तथा उसके परिवार पर धमकी देने के आरोप भी सामने आए हैं। पीड़ित ने इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होने के बावजूद अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पीड़ित ने प्रशासन से यह भी आग्रह किया कि उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार के विवाद को बढ़ने से रोका जाए। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई नहीं की गई तो उन्हें फिर से कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ेंगे।
वर्तमान में, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अधिकारियों एवं विपक्षी पक्ष के बयान आने के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पीड़ित ने राजस्व विभाग और संबंधित अधिकारियों के कार्यालयों में लिखित शिकायतें कई बार दायर की हैं, परंतु अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि राजस्व अभिलेखों और भूमि हस्तांतरण दस्तावेजों की जाँच अभी भी लंबित है।
न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद, विपक्षी पक्ष द्वारा कथित तौर पर भूमि पर कब्जा करने के प्रयास और पीड़ित तथा उसके परिवार पर धमकी देने के आरोप भी सामने आए हैं। पीड़ित ने इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं होने के बावजूद अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पीड़ित ने प्रशासन से यह भी आग्रह किया कि उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार के विवाद को बढ़ने से रोका जाए। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई नहीं की गई तो उन्हें फिर से कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ेंगे।
वर्तमान में, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अधिकारियों एवं विपक्षी पक्ष के बयान आने के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।