Religion
हांसपुर गौशाला में पंचम जागरण व ‘एक शाम गौ माता के नाम’ कार्यक्रम आयोजित
हांसपुर के सती वाला जोहड़ स्थित श्रीराम गौ‑नंदीशाला में वार्षिकोत्सव के अवसर पर पंचम जागरण और ‘एक शाम गौ माता के नाम’ कार्यक्रम का सफल आयोजन हुआ, जिसमें संत‑महात्मा, भजन गायक और बाल कलाकारों ने भाग लिया।
श्रीमाधोपुर के निकटवर्ती ग्राम हांसपुर के सती वाला जोहड़ स्थित श्रीराम गौ‑नंदीशाला ने अपने वार्षिकोत्सव के अवसर पर पंचम जागरण एवं ‘एक शाम गौ माता के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन किया। यह आयोजन गौशाला की सेवा‑समर्पण को उजागर करने और श्रद्धालुओं को भक्ति‑रसमय माहौल प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया।
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय भजन गायक डॉ. ओम मुंडेल, देवेंद्र लोलिया तथा कई बाल कलाकारों ने एक के बाद एक भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुतियां दीं। उनके मधुर स्वर और भक्तिपूर्ण गीतों ने उपस्थित जनसमुदाय को भावविभोर कर दिया। बाल कलाकारों की प्रस्तुतियों ने भी सभी का मन मोह लिया और महिलाओं ने उन्हें आशीर्वाद देकर उत्साहवर्धन किया।
इस दौरान भामाशाहों ने गौशाला के लिए चारा, कुट्टी, पानी के टैंकर और आर्थिक सहायता प्रदान करके गोसेवा में सहयोग किया। उनकी इस उदारता ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण का निर्माण किया और गोसेवा के प्रति श्रद्धालुओं के समर्पण को और दृढ़ किया।
कार्यक्रम का मंच संचालन हरी सिंह मंडा ने किया तथा सभी ने गौमाता की सेवा एवं संरक्षण का संकल्प लेते हुए भागीदारी निभाई। इस वार्षिकोत्सव ने गोसेवा, भक्ति और सामाजिक समरसता का सुंदर संगम प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय भजन गायक डॉ. ओम मुंडेल, देवेंद्र लोलिया तथा कई बाल कलाकारों ने एक के बाद एक भावपूर्ण भजनों की प्रस्तुतियां दीं। उनके मधुर स्वर और भक्तिपूर्ण गीतों ने उपस्थित जनसमुदाय को भावविभोर कर दिया। बाल कलाकारों की प्रस्तुतियों ने भी सभी का मन मोह लिया और महिलाओं ने उन्हें आशीर्वाद देकर उत्साहवर्धन किया।
इस दौरान भामाशाहों ने गौशाला के लिए चारा, कुट्टी, पानी के टैंकर और आर्थिक सहायता प्रदान करके गोसेवा में सहयोग किया। उनकी इस उदारता ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण का निर्माण किया और गोसेवा के प्रति श्रद्धालुओं के समर्पण को और दृढ़ किया।
कार्यक्रम का मंच संचालन हरी सिंह मंडा ने किया तथा सभी ने गौमाता की सेवा एवं संरक्षण का संकल्प लेते हुए भागीदारी निभाई। इस वार्षिकोत्सव ने गोसेवा, भक्ति और सामाजिक समरसता का सुंदर संगम प्रस्तुत किया।