📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / UnpetitproleX
सरकारी योजना
हरियाणा में 5,000 टन प्रतिदिन क्षमता वाले चार वेस्ट‑टू‑एनर्जी प्लांट स्थापित
✍️ News On AIR
🗓 04 सित. 2026, 06:37 AM
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हरियाणा सरकार ने 5,000 टन प्रतिदिन कचरा संसाधित करने वाले चार वेस्ट‑टू‑एनर्जी प्लांटों के निर्माण को मंजूरी दी है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने चार वेस्ट‑टू‑एनर्जी (WTE) प्लांटों के निर्माण को मंजूरी दी है। प्रत्येक प्लांट प्रतिदिन 5,000 टन नगर कचरा संसाधित कर बिजली व गर्मी में बदलने के लिए तैयार किया जाएगा। यह कदम कचरा प्रबंधन की समस्या को हल करने और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पन्न करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
प्लांटों का निर्माण सार्वजनिक‑निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत होगा, जिसमें राज्य योग्य कंपनियों से बोली आमंत्रित करेगा। संचालन शुरू होने पर ये सुविधाएँ लैंडफ़िल पर निर्भरता घटाएँगी, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करेंगी और निकटवर्ती क्षेत्रों को स्थिर विद्युत आपूर्ति प्रदान करेंगी।
परियोजना के लिए वित्तीय सहायता राज्य के स्वच्छ ऊर्जा बजट से होगी, साथ ही केंद्र सरकार की वेस्ट‑टू‑एनर्जी योजनाओं से भी अनुदान मिलेगा। अधिकारियों का अनुमान है कि अगले दो‑तीन वर्षों में ये प्लांट पूरी तरह चालू हो जाएंगे, जिससे रोजगार सृजन और हरियाणा के सतत विकास लक्ष्यों को बल मिलेगा।
प्लांटों का निर्माण सार्वजनिक‑निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत होगा, जिसमें राज्य योग्य कंपनियों से बोली आमंत्रित करेगा। संचालन शुरू होने पर ये सुविधाएँ लैंडफ़िल पर निर्भरता घटाएँगी, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करेंगी और निकटवर्ती क्षेत्रों को स्थिर विद्युत आपूर्ति प्रदान करेंगी।
परियोजना के लिए वित्तीय सहायता राज्य के स्वच्छ ऊर्जा बजट से होगी, साथ ही केंद्र सरकार की वेस्ट‑टू‑एनर्जी योजनाओं से भी अनुदान मिलेगा। अधिकारियों का अनुमान है कि अगले दो‑तीन वर्षों में ये प्लांट पूरी तरह चालू हो जाएंगे, जिससे रोजगार सृजन और हरियाणा के सतत विकास लक्ष्यों को बल मिलेगा।