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28 सित. 2026•
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हरियाणा ने MBBS/BDS को बीच में छोड़ने वाले छात्रों पर ₹10 लाख का बांड और 3 वर्ष की प्रतिबंध लगाया
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Agriculture and Farmers' Welfare
शिक्षा

हरियाणा ने MBBS/BDS को बीच में छोड़ने वाले छात्रों पर ₹10 लाख का बांड और 3 वर्ष की प्रतिबंध लगाया

✍️ Medical Dialogues 🗓 09 सित. 2026, 10:41 PM 👁 41
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हरियाणा सरकार ने एक नया नियम लागू किया है जिसमें MBBS या BDS पाठ्यक्रम बीच में छोड़ने वाले छात्रों पर ₹10 लाख का बांड और तीन वर्ष की प्रतिबंध लगाया जाएगा।

हरियाणा सरकार ने मेडिकल और डेंटल पाठ्यक्रमों में बीच में छोड़ने वाले छात्रों के लिए ₹10 लाख का बांड और तीन वर्ष की प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। इस नई नीति के तहत, यदि कोई छात्र अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ देता है तो उसे ₹10 लाख का बांड जमा करना होगा, जिसे यदि वह फिर से पढ़ाई पूरी नहीं करता तो जब्त कर लिया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, इस नियम के तहत छात्र को तीन वर्षों के लिए किसी भी अन्य मेडिकल या डेंटल संस्था में प्रवेश से वंचित कर दिया जाएगा। यह प्रतिबंध छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से है।

यह कदम मेडिकल शिक्षा में बढ़ती ड्रॉपआउट दर और इससे राज्य के स्वास्थ्य कार्यबल पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर उठाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह नीति प्रशिक्षण की गुणवत्ता को बनाए रखने और संस्थानों पर पड़े आर्थिक बोझ को कम करने में मदद करेगी।

छात्रों और अभिभावकों की प्रतिक्रियाएँ मिश्रित हैं; कुछ ने इस कदम को पेशे के लिए आवश्यक माना, जबकि अन्य ने परिवार पर आर्थिक दबाव के बारे में चिंता जताई है। सरकार ने कठिनाइयों का सामना कर रहे छात्रों के लिए परामर्श और वित्तीय सहायता विकल्प उपलब्ध कराने का वादा किया है।

नई नीति अगले शैक्षणिक वर्ष से लागू होने की उम्मीद है, और राज्य शिक्षा विभाग इसके क्रियान्वयन और अनुपालन की निगरानी करेगा।
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