📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Shariquejamalworld
कृषि
हरियाणा सीएम ने जलवायु‑सहिष्णु कपास किस्मों की मांग की
✍️ tribuneindia.com
🗓 02 अक्टू. 2026, 03:32 AM
👁 15
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते मौसम के कारण नई, जलवायु‑सहिष्णु कपास किस्मों की जरूरत है।
नई दिल्ली – हरियाणा के मुख्यमंत्री ने बताया कि बढ़ते तापमान और अनियमित वर्षा से राज्य के कपास किसानों पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने बीज कंपनियों और कृषि वैज्ञानिकों से नई ऐसी किस्में विकसित करने का आग्रह किया जो गर्मी और जल‑कमी सहन कर सकें। कपास हरियाणा की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण नकदी फसल है, और इसकी उपज में गिरावट किसान आय को प्रभावित कर सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के अनुरूप फसल विकास ही भविष्य में उत्पादन स्थिर रखने का एकमात्र उपाय है और राज्य कृषि विभाग को अनुसंधान संस्थानों के साथ मिलकर इन नई किस्मों के फील्ड ट्रायल तेज़ करने चाहिए।
यह अपील राष्ट्रीय स्तर पर जलवायु‑अनुकूल फसल नीति के साथ मेल खाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी‑सहिष्णु और सूखा‑प्रतिरोधी कपास की उपलब्धता से सिंचाई पर निर्भरता घटेगी और उत्पादन लागत में कमी आएगी। हरियाणा सरकार ने इन संभावित किस्मों को संवेदनशील जिलों में परीक्षण और विस्तार के लिए संसाधन आवंटित करने का इरादा जताया है।
किसान समूह और बीज कंपनियों ने इस पहल का स्वागत किया है, यह कहते हुए कि समय पर उपयुक्त बीज मिलने से बदलते मौसम के जोखिम को कम किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने मौसम प्रवृत्तियों की लगातार निगरानी और आगामी कृषि नीति बैठकों में प्रगति की समीक्षा का वचन दिया।
यह अपील राष्ट्रीय स्तर पर जलवायु‑अनुकूल फसल नीति के साथ मेल खाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी‑सहिष्णु और सूखा‑प्रतिरोधी कपास की उपलब्धता से सिंचाई पर निर्भरता घटेगी और उत्पादन लागत में कमी आएगी। हरियाणा सरकार ने इन संभावित किस्मों को संवेदनशील जिलों में परीक्षण और विस्तार के लिए संसाधन आवंटित करने का इरादा जताया है।
किसान समूह और बीज कंपनियों ने इस पहल का स्वागत किया है, यह कहते हुए कि समय पर उपयुक्त बीज मिलने से बदलते मौसम के जोखिम को कम किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने मौसम प्रवृत्तियों की लगातार निगरानी और आगामी कृषि नीति बैठकों में प्रगति की समीक्षा का वचन दिया।