📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / SpeakingArch
सरकारी योजना
हरियाणा ने जल एवं सीवेज परियोजनाओं के लिए 400 करोड़ रुपये मंजूर किए
✍️ The Times of India
🗓 22 अक्टू. 2026, 05:17 AM
👁 15
हरियाणा सरकार ने राज्य में जल आपूर्ति और सीवेज परियोजनाओं के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया, जिससे स्वच्छता और पानी की उपलब्धता में सुधार होगा।
हरियाणा की राज्य मंत्रिपरिषद ने जल आपूर्ति और सीवेज परियोजनाओं के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। यह राशि नई पाइपलाइन निर्माण, मौजूदा वितरण नेटवर्क के उन्नयन और कई जिलों में अतिरिक्त सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के लिए उपयोग की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जल की कमी और अपर्याप्त स्वच्छता जैसी समस्याओं का समाधान हो सके। इस निधि को राज्य के विकास बजट से निकाला जाएगा और केंद्र सरकार की योजनाओं से अतिरिक्त सहायता भी मिल सकती है।
यह कदम हरियाणा के सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधार और स्वच्छ भारत मिशन के मानकों को पूरा करने के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है। कार्यान्वयन एजेंसियों को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर अगले कुछ हफ्तों में टेंडर प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया है।
स्थानीय नगरपालिका निकायों और जल प्राधिकरणों सहित कई हितधारकों ने इस निर्णय का स्वागत किया, यह कहते हुए कि पूँजी का प्रवाह सेवा अंतर को पाटने के लिए आवश्यक है। राज्य उम्मीद करता है कि इन परियोजनाओं से रोजगार सृजन होगा और निर्माण क्षेत्र में सहायक आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
परियोजनाओं की पूर्णता के लिए अभी कोई निश्चित समयसीमा घोषित नहीं की गई है, पर अधिकारियों ने कहा कि प्रगति की कड़ी निगरानी की जाएगी ताकि निधि का उपयोग समय पर और प्रभावी रूप से हो सके।
अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जल की कमी और अपर्याप्त स्वच्छता जैसी समस्याओं का समाधान हो सके। इस निधि को राज्य के विकास बजट से निकाला जाएगा और केंद्र सरकार की योजनाओं से अतिरिक्त सहायता भी मिल सकती है।
यह कदम हरियाणा के सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधार और स्वच्छ भारत मिशन के मानकों को पूरा करने के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है। कार्यान्वयन एजेंसियों को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार कर अगले कुछ हफ्तों में टेंडर प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया है।
स्थानीय नगरपालिका निकायों और जल प्राधिकरणों सहित कई हितधारकों ने इस निर्णय का स्वागत किया, यह कहते हुए कि पूँजी का प्रवाह सेवा अंतर को पाटने के लिए आवश्यक है। राज्य उम्मीद करता है कि इन परियोजनाओं से रोजगार सृजन होगा और निर्माण क्षेत्र में सहायक आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
परियोजनाओं की पूर्णता के लिए अभी कोई निश्चित समयसीमा घोषित नहीं की गई है, पर अधिकारियों ने कहा कि प्रगति की कड़ी निगरानी की जाएगी ताकि निधि का उपयोग समय पर और प्रभावी रूप से हो सके।