📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / YQY1122
राजनीति
हर्ष शाल्व ने एआरएनएबी के साथ बातचीत में एफसीआरए पर कड़ी निगरानी की मांग की
✍️ Republic World
🗓 09 अग. 2026, 03:49 PM
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सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील हर्ष शाल्व ने एआरएनएबी के साथ बातचीत में विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम पर कड़ी निगरानी की मांग की, यह कहते हुए कि कोई भी दान बिना सख्त जाँच के नहीं आना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील हर्ष शाल्व ने एआरएनएबी के साथ बातचीत में विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) पर कड़ी समीक्षा प्रक्रिया की मांग की।
शाल्व ने कहा कि वर्तमान ढाँचे के तहत संगठनों को सीमित निगरानी के साथ विदेशी धन प्राप्त करने की अनुमति है, और उन्होंने चेतावनी दी कि इससे दुरुपयोग हो सकता है।
उन्होंने सरकार से अधिनियम के प्रावधानों को कड़ा करने का आग्रह किया, ताकि हर दान का पारदर्शी निरीक्षण हो सके।
यह आह्वान घरेलू मामलों में विदेशी प्रभाव के बढ़ते चिंताओं के बीच आया है।
शाल्व के बयानों को एआरएनएबी के लाइव कार्यक्रम में दिया गया, जहाँ उन्होंने विदेशी धन के प्रबंधन में जवाबदेही की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
शाल्व ने कहा कि वर्तमान ढाँचे के तहत संगठनों को सीमित निगरानी के साथ विदेशी धन प्राप्त करने की अनुमति है, और उन्होंने चेतावनी दी कि इससे दुरुपयोग हो सकता है।
उन्होंने सरकार से अधिनियम के प्रावधानों को कड़ा करने का आग्रह किया, ताकि हर दान का पारदर्शी निरीक्षण हो सके।
यह आह्वान घरेलू मामलों में विदेशी प्रभाव के बढ़ते चिंताओं के बीच आया है।
शाल्व के बयानों को एआरएनएबी के लाइव कार्यक्रम में दिया गया, जहाँ उन्होंने विदेशी धन के प्रबंधन में जवाबदेही की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।