🔥 TRENDING દરીયાપુર રાષ્ટ્રવિનાયક કોમ્પ્લેક્સમાં... वृंदावन के संत पूज्य प्रेमानंद जी महार... कुटेला वन परिक्षेत्र में गजराज की धमाक... અહમદાબાદ મ્યુનિસિપલ કોર્પોરેશન દ્વારા... પેટ્રોલમાં ઇથેનોલનું યોગ્ય મિશ્રણ કેટલ... मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंत्री दीपि...
05 Oct 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
Harassment
National

Harassment

✍️ Reporter: Muhammad Faizan Malik 🗓 05 Oct 2026, 08:02 PM 👁 12
Share: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

Delhi

जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं, तो इंसाफ मांगे कौन?

दिल्ली में एक महिला पत्रकार के साथ दिल्ली पुलिस ने बदसलूकी की। वो पत्रकार, जो हर रोज सच दिखाती है, जब अपने साथ हुई ज्यादती के खिलाफ FIR दर्ज कराने थाने पहुंची, तो उसे इंसाफ देने के बजाय थाने के सामने ही रोक दिया गया।

मजबूर होकर वो पत्रकार थाने के सामने धरने पर बैठ गई, लेकिन पुलिस ने शर्म की सारी हदें पार करते हुए बैरिकेड लगा दिए, ताकि वो अंदर न जा सके। सोचिए, एक पत्रकार को अपनी ही FIR के लिए धरना देना पड़े, तो आम बेटी का क्या हाल होगा?

ये घटना सिर्फ एक महिला के साथ बदसलूकी नहीं है, ये पूरे सिस्टम पर तमाचा है। जो पुलिस महिलाओं की सुरक्षा का दावा करती है, वही जब एक पत्रकार को इंसाफ से रोकती है, तो लोकतंत्र शर्मसार होता है।

लेकिन सलाम है उस पत्रकार के हौसले को, जो डरी नहीं, झुकी नहीं, बल्कि बैरिकेड के सामने ही डट गई। यही हिम्मत असली पत्रकारिता है।
📲Get App