स्थानीय
हनुमानगढ़: दीपावली से पहले बस से जब्त हुआ दुर्गंधयुक्त मावा और खराब नमकीन
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने दीपावली के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा अभियान चलाया है। इसी क्रम में पल्लू में एक निजी बस से भारी मात्रा में दुर्गंधयुक्त मावा और खराब नमकीन जब्त कर मौके पर ही नष्ट करवाया गया।
दीपावली के त्योहार को देखते हुए आमजन को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरंतर कार्रवाई की जा रही है। जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा दल ने खाद्य सामग्री के निर्माण एवं विक्रय से जुड़े प्रतिष्ठानों की जांच के साथ सैंपलिंग अभियान चलाया है। इसी क्रम में शुक्रवार, 16 अक्टूबर को पल्लू में बीकानेर से हनुमानगढ़ आ रही एक निजी बस से दुर्गंधयुक्त मावा एवं खराब नमकीन बरामद की गई। खाद्य सुरक्षा दल ने लावारिस खाद्य सामग्री के नमूने लेने के बाद उसे मौके पर ही नष्ट करवा दिया।
सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि दीपावली के दौरान मिठाइयों एवं नमकीन की मांग बढऩे के कारण खाद्य सामग्री के निर्माण और बिक्री में तेजी आती है। ऐसे समय में कुछ विक्रेताओं द्वारा अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से खराब गुणवत्ता वाले मावे तथा दूषित तेल में तैयार नमकीन का विक्रय किए जाने की आशंका रहती है। इसी के चलते खाद्य सुरक्षा दल ने शुक्रवार 16 अक्टूबर को पल्लू में कई बसों की जांच की। शाम करीब 6.30 बजे बीकानेर से आ रही ममता ट्रैवल्स की बस (आरजे 07 पीआर 8560) को रुकवाकर जांच की, तो उसमें से 220 किलोग्राम मावा और 360 किलोग्राम से अधिक नमकीन बरामद हुई। मावे से दुर्गंध आ रही थी, जबकि नमकीन में खराब तेल जैसी बदबू थी। बस चालक ने बताया कि मावा बीकानेर से लोड किया गया था, लेकिन वह सामग्री के मालिक की जानकारी नहीं रखता। गुणवत्ता संदिग्ध पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा दल ने नियमानुसार सैंपलिंग की कार्रवाई की। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने शाम करीब 6.30 बजे से रात 11.30 बजे तक यह जांच अभियान चलाया।
खाद्य सुरक्षा दल द्वारा की गई इस कार्रवाई में जिला प्रशासन का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। तहसीलदार कुलदीप मीणा ने संदिग्ध एवं खराब खाद्य सामग्री को नष्ट करवाने की प्रक्रिया में सहयोग किया। कार्रवाई के पश्चात जेवीजी मशीन मंगवाकर और बड़ा गड्ढा खुदवाकर पूरी खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट करवाया गया, ताकि इसका दोबारा उपयोग या बाजार में विक्रय न हो सके। दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार पर आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से की गई इस कार्रवाई में विभागीय टीम और जिला प्रशासन के बीच अच्छा समन्वय देखने को मिला।
खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत अन्य प्रतिष्ठानों पर भी सैंपलिंग की कार्रवाई की गई। रावतसर स्थित मैसर्स जेपी पनीर प्रतिष्ठान से पनीर एवं दूध के चार नमूने लिए गए। पल्लू स्थित मैसर्स भाई-भाई स्वीट्स से मावा एवं रसगुल्ले के नमूने लिए गए। वहीं, पल्लू के मैसर्स सांवरिया मिष्ठान प्रतिष्ठान से गुलाब जामुन का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग दीपावली के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सैंपलिंग, निरीक्षण एवं जांच की कार्रवाई निरंतर कर रहा है।
सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि दीपावली के दौरान मिठाइयों एवं नमकीन की मांग बढऩे के कारण खाद्य सामग्री के निर्माण और बिक्री में तेजी आती है। ऐसे समय में कुछ विक्रेताओं द्वारा अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से खराब गुणवत्ता वाले मावे तथा दूषित तेल में तैयार नमकीन का विक्रय किए जाने की आशंका रहती है। इसी के चलते खाद्य सुरक्षा दल ने शुक्रवार 16 अक्टूबर को पल्लू में कई बसों की जांच की। शाम करीब 6.30 बजे बीकानेर से आ रही ममता ट्रैवल्स की बस (आरजे 07 पीआर 8560) को रुकवाकर जांच की, तो उसमें से 220 किलोग्राम मावा और 360 किलोग्राम से अधिक नमकीन बरामद हुई। मावे से दुर्गंध आ रही थी, जबकि नमकीन में खराब तेल जैसी बदबू थी। बस चालक ने बताया कि मावा बीकानेर से लोड किया गया था, लेकिन वह सामग्री के मालिक की जानकारी नहीं रखता। गुणवत्ता संदिग्ध पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा दल ने नियमानुसार सैंपलिंग की कार्रवाई की। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने शाम करीब 6.30 बजे से रात 11.30 बजे तक यह जांच अभियान चलाया।
खाद्य सुरक्षा दल द्वारा की गई इस कार्रवाई में जिला प्रशासन का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। तहसीलदार कुलदीप मीणा ने संदिग्ध एवं खराब खाद्य सामग्री को नष्ट करवाने की प्रक्रिया में सहयोग किया। कार्रवाई के पश्चात जेवीजी मशीन मंगवाकर और बड़ा गड्ढा खुदवाकर पूरी खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट करवाया गया, ताकि इसका दोबारा उपयोग या बाजार में विक्रय न हो सके। दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार पर आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से की गई इस कार्रवाई में विभागीय टीम और जिला प्रशासन के बीच अच्छा समन्वय देखने को मिला।
खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत अन्य प्रतिष्ठानों पर भी सैंपलिंग की कार्रवाई की गई। रावतसर स्थित मैसर्स जेपी पनीर प्रतिष्ठान से पनीर एवं दूध के चार नमूने लिए गए। पल्लू स्थित मैसर्स भाई-भाई स्वीट्स से मावा एवं रसगुल्ले के नमूने लिए गए। वहीं, पल्लू के मैसर्स सांवरिया मिष्ठान प्रतिष्ठान से गुलाब जामुन का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग दीपावली के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सैंपलिंग, निरीक्षण एवं जांच की कार्रवाई निरंतर कर रहा है।