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हनुमानगढ़: जन्म-मृत्यु पंजीकरण के नए नियम लागू, अब मजिस्ट्रेट के आदेश के बिना नहीं होगा पुराने मामलों का पंजीकरण
हनुमानगढ़ नगर परिषद में जन्म और मृत्यु पंजीकरण के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। दो वर्ष से अधिक पुराने प्रकरणों में अब प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद ही पंजीकरण संभव होगा।
हनुमानगढ़ नगर परिषद में जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण की प्रक्रिया में इस अक्टूबर माह से नए नियम लागू कर दिए गए हैं। इन नए नियमों के अनुसार, अब दो वर्ष से अधिक पुराने प्रकरणों में प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश प्राप्त होने के उपरांत ही पंजीकरण किया जा सकेगा।
नए नियमों के तहत, घटना के 21 दिन तक सामान्य प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्रार द्वारा पंजीकरण किया जाएगा। यदि पंजीकरण में 21 से 30 दिन का विलंब होता है, तो विलंब शुल्क का भुगतान करना होगा। वहीं, 30 दिन से एक वर्ष तक पुराने प्रकरणों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारी और शहरी क्षेत्रों में जिला रजिस्ट्रार की लिखित अनुमति आवश्यक होगी।
एक से दो वर्ष तक पुराने मामलों के पंजीकरण के लिए जिला मजिस्ट्रेट, उपखण्ड मजिस्ट्रेट अथवा अधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट की लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। जिला रजिस्ट्रार ममता बिश्नोई ने आमजन से अपील की है कि वे अपने जन्म और मृत्यु का पंजीकरण नियत समय पर करवाएं, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की कानूनी एवं प्रशासनिक जटिलताओं से बचा जा सके।
नए नियमों के तहत, घटना के 21 दिन तक सामान्य प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्रार द्वारा पंजीकरण किया जाएगा। यदि पंजीकरण में 21 से 30 दिन का विलंब होता है, तो विलंब शुल्क का भुगतान करना होगा। वहीं, 30 दिन से एक वर्ष तक पुराने प्रकरणों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारी और शहरी क्षेत्रों में जिला रजिस्ट्रार की लिखित अनुमति आवश्यक होगी।
एक से दो वर्ष तक पुराने मामलों के पंजीकरण के लिए जिला मजिस्ट्रेट, उपखण्ड मजिस्ट्रेट अथवा अधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट की लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। जिला रजिस्ट्रार ममता बिश्नोई ने आमजन से अपील की है कि वे अपने जन्म और मृत्यु का पंजीकरण नियत समय पर करवाएं, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की कानूनी एवं प्रशासनिक जटिलताओं से बचा जा सके।